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बात डिजिटल इंडिया की, यहां हादसा न हो जाए

Fri, 02 Feb 2018 12:27 AM IST
अजय अरोरा  गूलरभोज।
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गूलरभोज के नई बस्ती स्थित राजकीय उच्चतर पूर्व माध्यमिक विद्यालय की छत का उखड़ा प्लास्टर। - फोटो : Amar Ujala
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गूलरभोज। देश में डिजिटल शिक्षा की बात अलग-अलग मंचों से मंत्री और नेता करते रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी आम बजट में डिजिटल शिक्षा के बढ़ावे पर जोर दिया गया। लेकिन, जिले में आज भी ऐसे कई विद्यालय हैं, जिनमें बुनियादी ढांचा ही इतना कमजोर है कि यहां पर डिजिटल इंडिया की बात हुक्मरानों तक को बेमानी लगे।

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कुछ ऐसा ही है गूलरभोज में नई बस्ती स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय। खास बात यह है कि यह विद्यालय प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के गृह नगर में स्थित है। विद्यालय के भवन की छत जर्जर हालत में पहुंच गई है। सभी कमरों की छतों का प्लास्टर गिर रहा है। 

राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भवन बेहद जर्जर हाल में है। 72 छात्र संख्या वाले इस विद्यालय के भवन की छत से आए दिन प्लास्टर गिरता रहता है और अंदर की जंग लगी सरिया बाहर दिखने लगी है। प्रधानाचार्य कक्ष और कंप्यूटर कक्ष के अतिरिक्त तीन कक्षों में छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा की पढ़ाई होती है। इसमें से कक्ष संख्या दो काफी खतरनाक बना हुआ है।
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कुछ दिन पहले कक्षा आठ के बच्चे पढ़ाई कर रहे थे कि अचानक छत से प्लास्टर का एक हिस्सा गिर गया। गनीमत रही कि किसी बच्चे को चोट नहीं आई। प्रभारी प्रधानाचार्या चंद्रा आर्य ने बताया कि छत की हालत पिछले तीन वर्षों से ज्यादा खराब होती जा रही है। उन्होंने इस संबंध में बीआरसी मेें कई पत्र भेजे है, इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। 

बात बच्चों की 
सातवीं कक्षा के छात्र अमित ने बताया कि छत का प्लास्टर गिर रहा है। हमेशा खतरा बना रहता है। वे डर के साये में पढ़ाई करने केे मजबूर हैं। छात्रा जायरा ने बताया कि बरसात के दिनों में तो स्कूल के सभी कमरों में पानी टपकता है। अन्य बच्चों ने बताया कि विधायक अरविंद पांडेय के शिक्षा मंत्री बनने के बाद लगा कि अब हमारे स्कूल की बिल्डिंग नई बन जाएगी, लेकिन अब तक मायूसी ही मिली है। 

मैंने भी कई बार विभाग को लिखित सूचना दी है। इसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। स्कूल में किसी भी दिन कोई भी हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार विभाग ही होगा। जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की गई तो अभिभावक विभाग के विरुद्ध धरने पर बैठेंगे। 
ऋषिपाल, अध्यक्ष, विद्यालय प्रबंध समिति। 

स्कूल के जर्जर भवन की जानकारी मेरे संज्ञान में है। विद्यालय की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था। बजट न होने के कारण दिक्कत आ रही है। फिर भी आरईएस या पंचायती राज विभाग की मद से कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही कोई न कोई हल निकाला जाएगा। 
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रवि मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी, यूएस नगर। 

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