फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rudrapur News: हिना रावत के दोस्त की भूमिका की होगी जांच, लुटेरी दुल्हन पहली बार सलाखों के पीछे गई

Tue, 10 Jun 2025 01:45 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

ब्लैकमेलिंग कर वसूली करने के आरोप में जेल गई लुटेरी दुल्हन हिना रावत के सहयोगियों को पुलिस चिन्ह्ति कर रही है। पुलिस के रडार में हिना का करीबी दोस्त और एक अधिवक्ता आए हैं। दोनों की भूमिका की जांच कर रही है।
विज्ञापन
जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रुद्रपुर में ब्लैकमेलिंग कर वसूली करने के आरोप में जेल गई लुटेरी दुल्हन हिना रावत के सहयोगियों को पुलिस चिन्ह्ति कर रही है। पुलिस के रडार में हिना का करीबी दोस्त और एक अधिवक्ता आए हैं। दोनों की भूमिका की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस के पास हिना से पीड़ित कुछ लोगों की शिकायतें पहुंची है।

शनिवार को रुद्रपुर निवासी दीपक कक्कड़ ने कोतवाली में केस दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि एक युवती से व्हाट्सएप पर बात हुई थी। खुद को हाईकोर्ट की अधिवक्ता अंकिता शर्मा बताया। धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ीं तो पांच लाख रुपये हड़प लिए। 27 मई को उसने गदरपुर में विवाह का नाटक किया और घर पर आकर रहने लगी थी। इसके बाद वह झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 30 लाख रुपये मांगने लगी थी। दीपक के पुलिस को सूचना देने के बाद पता लगा कि अंकिता बनकर फिरौती मांगने वाली न ही अधिवक्ता है और न ही उसका असल नाम यह है। आरोपी का नाम हिना रावत और वह काशीपुर की रहने वाली है। उसके पास अंकिता और निकिता नाम से दो आधारकार्ड भी हैं। वह पहले से शादीशुदा है और अपने गिरोह के लोगों के साथ मिलकर लोगों पर दुष्कर्म के झूठे आरोप लगाते हुए ब्लैकमेल करती है।

पुलिस ने केस दर्ज कर हिना को शुक्रवार की देर रात रुद्रपुर से गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से वादी से हड़पे 50 हजार रुपये और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ था। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कई लोगों ने तो बदनामी से बचने के लिए हिना को रुपये देकर पल्ला छुड़ा लिया था। पुलिस को कुछ लोगों ने मौखिक शिकायत की थी।

कोट- हिना अपने सहयोगियों के साथ मिलकर घटनाओं को अंजाम देती थी। जांच में सामने आए उसके सहयोगियों अधिवक्ता और एक अन्य दोस्त की भूमिका की जांच की जा रही है। जब से आरोपी पर केस दर्ज हुए हैं, पहली बार उसे रुद्रपुर से जेल भेजा गया है। इससे पहले केस दर्ज होने के बाद वह अदालत से अग्रिम जमानत ले लेती थी। -मणिकांत मिश्रा, एसएसपी

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें