रुद्रपुर। धान खरीद सत्र से ठीक पहले राइस मिलर्स एसोसिएशन ने आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे राइस मिलर्स ने नारेबाजी कर आक्रोश जताया।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का का कहना है कि वर्ष 2019 से 2025 तक मिलर्स का करीब 500 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। भुगतान न होने से मिलर्स बैंक कर्ज में फंसे हैं। वर्ष 2025-26 का छह लाख क्विंटल चावल निस्तारण/उतराई के लिए लंबित पड़ा है।
उन्होंने कहा कि सरकार इसकी समय-सीमा तय करे। तीन साल से हो रहे नुकसान को देखते हुए किसानों की तरह मंडी शुल्क का भुगतान भी सरकार सीधे करे। वक्ताओं ने कहा कि उनकी पुरानी मांगें पूरी होने तक कोई भी सेंटर का मिलर 2026-27 सत्र के लिए सरकार से अनुबंध नहीं करेगा। वहां अंकित जिंदल, राज कुमार, सचिन अग्रवाल, प्रवेश गोयल, देवीशंकर अग्रवाल आदि मौजूद रहे। ब्यूरो