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धर्मगुरु जोड़ने का करते हैं काम : इमाम डॉ. उमर

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जसपुर। धर्मगुरु लड़ाने का नहीं, जोड़ने का काम करते हैं। इंसानियत को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर आगे आना होगा। यह बात डॉ. एमपी सिंह के कार्यालय में मंगलवार को पहुंचे इमाम ऑफ इंडिया के चीफ और संरक्षक डॉ. इमाम उमर अहमद इलयासी ने कही।
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इससे पहले इमाम डॉ. इलयासी और भारत की धर्म संसद के संयोजक आचार्य गोस्वामी सुशील महाराज एवं मेरठ के महंत विजयानंद सरस्वती महाराज का आयोजक डॉ. एमपी सिंह, विधायक आदेश चौहान ने शॉल और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। मौलाना और स्वामी ने एक स्वर में कहा कि धर्म और इबादत के तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन सबसे बड़ा धर्म इंसान और इंसानियत का है। इसे जिंदा रखना जरूरी है। कहा कि पूरे देश और दुनिया को मुहब्बत का पैगाम देना है। समाज के चंद लोग देश का माहौल खराब करते हैं, जबकि पूरा समाज खराब नहीं है। नफरत की नजर कही भी हो, इंसानियत को शर्मसार करती है। लिहाजा देश में भाईचारा बना रहे, इस पर काम कर रहे हैं। इस मौके पर मो. यामीन, संजय राजपूत, दयाराम शर्मा, हाजी हमीद, इख्तियार बब्लू, अहमद हसन नूरी, देवी सिंह आदि मौजूद रहे।
पीएम और गृहमंत्री से जल्द मिलेंगे 50 इमाम और धर्मगुरु
जसपुर। इमाम डॉ. उमर अहमद इलयासी ने कहा कि उनकी अध्यक्षता में एक सप्ताह के भीतर 50 इमाम और अन्य धर्मों के धर्मगुरु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने जाएंगे। देश में फैली भ्रम की स्थिति शीघ्र दूर होगी। उनकी योजना है कि मदरसे के छात्र गुरुकुल में जाएं गुरुकुल के ऋषि कुमार मदरसों में आए। दोनों एक दूसरे को समझे वह यह प्रयोग बीते दिनों ऋषिकेश में कर चुके हैं। इस प्रयोग से दोनों समुदाय के छात्र एक दूसरे की भावनाओं को समझेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय धर्म संसद की स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी, तभी से सामाजिक समरसता के कार्य में लगी है।
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