शहर में स्थित निजी स्कूलों में शिक्षा विभाग की टीम के छापे में तीन स्कूलों में अनियमितताएं और लापरवाही उजागर हुईं। कमरों में गंदगी मिलने के साथ ही बच्चों को पढ़ाने वाले टीचर भी योग्य नहीं मिले। आठवीं तक के बच्चों को इंटर पास युवा महज 1500 रुपये की तनख्वाह में पढ़ाते मिले। खंड शिक्षा अधिकारी ने बगैर मानकों और बिना मान्यता के संचालित दो पब्लिक स्कूलों को बंद करने के अलावा एक की मान्यता निरस्त करने की संस्तुति की है।
खंड शिक्षा अधिकारी मतादीन गौतम ने मंगलवार को टीम के साथ ट्रांजिट कैंप के रायनगर स्थित राधा कृष्ण पब्लिक स्कूल में छापा मारा। विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक नदारद थे। विद्यालय के छोटे-छोटे कमरों में बच्चे गंदगी और दम घुटने वाले माहौल में पढ़ रहे थे। कक्षा तीन, चार, सात और आठवीं के बच्चों को बाहर खुले आसमान के नीचे पढ़ाया जा रहा था। कक्षा तीन और चार के बच्चों को इंटरमीडिएट पास युवती पढ़ा रही थी।
इसी तरह दूसरी कक्षा में बीए की छात्रा पढ़ा रही थी। जांच में दोनों ही युवतियों को मात्र 1500-1500 रुपये तनख्वाह दिए जाने की बात पता चली। बीईओ ने स्टाफ से विद्यालय से मान्यता से संबंधित दस्तावेज मांगे। स्कूल की कक्षा एक से आठवीं तक मान्यता मिली लेकिन नर्सरी की कक्षाएं बगैर मान्यता चल रही थीं। स्कूल में गंदगी मिलने पर बीईओ ने स्टाफ को फटकार लगाते हुए स्कूल की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की।
इसके बाद टीम ने वेवलाइट एकेडमी में छापा मारा। यहां भी स्कूल बगैर मान्यता के चलने की बात सामने आई। स्कूल में बीए और बीकॉम के छात्र-छात्राएं महज चार हजार रुपये वेतन में पढ़ाते मिले। नर्सरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक के लिए स्कूल के पास मान्यता नहीं थी। इस पर बीईओ ने स्कूल बंद करने निर्देश दिए। बाद में टीम ने डीआर सिंह पैराडाइज मॉन्टेसरी स्कूल में छापा मारा।
कक्षा पांच तक का यह स्कूल भी बिना मान्यता के संचालित होता मिला, हालांकि इस स्कूल में गरीब, दिव्यांग एवं विधवाओं के बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जा रहा है लेकिन छापे में इस स्कूल की मान्यता चार बार रद्द होने का पता चला। बीईओ ने प्रबंधक को स्कूल बंद करने को कहा। बीइओ मतादीन गौतम ने बताया कि वेवलाइट और डीआर सिंह पैराडाइज मॉन्टेसरी स्कूल को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा राधा-कृष्ण स्कूल समेत तीनों विद्यालयों (वेवलाइट और डीआर सिंह पैराडाइज मॉन्टेसरी स्कूल) की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की गई है।
अभिभावक बच्चों का भविष्य बर्बाद न करें : बीईओ
रुद्रपुर। ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में शिक्षा विभाग की टीम की छापेमारी की सूचना पर विद्यालयों में अभिभावक भी पहुंचते रहे। बीईओ मतादीन ने अभिभावकों को समझाया कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को निशुल्क और सस्ती शिक्षा मिल रही है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की अपील की। इधर, पता चला है कि रुद्रपुर की मलिन बस्ती ट्रांजिट कैंप में अवैध रूप से संचालित निजी स्कूलों को मान्यता दिलाने के लिए दलाल सक्रिय हैं। सूत्रों का कहना है कि यह दलाल स्कूल मालिक से एक निश्चित धनराशि लेकर मान्यता दिलाने का दावा कर रहे हैं। कई स्कूल संचालक इन दलालों के झांसे में फंस रहे हैं।