रूद्रपुर में आयोजित जनसुनवाई में मौजूद उद्योगपति। स्रोत : चैंबर
काशीपुर। कुमायूं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई) पदाधिकारियों ने विद्युत टैरिफ वृद्धि के संबंध में अपने सुझाव रखें। कहा कि प्रस्तावित विद्युत दरों में वृद्धि होने से उद्योगों पर गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ेगा।उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित विद्युत टैरिफ वृद्धि के संबंध में विद्युत उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया व सुझाव के उद्देश्य से विकास भवन रुद्रपुर में जनसुनवाई की।
इसमें चैंबर की पावर सब-कमेटी के चेयरमैन शकील अहमद सिद्दीकी ने कहा कि यूपीसीएल की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 16 प्रतिशत से अधिक की प्रस्तावित वृद्धि उद्योगों पर आर्थिक प्रभाव डालेगी। उद्योग पहले से ही कच्चे माल परिवहन व अन्य परिचालन लागतों के बढ़ते दबाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में विद्युत दरों की वृद्धि से उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ेगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि उद्योग राज्य के विद्युत राजस्व में लगभग 50 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं। फिर भी लगातार बढ़ती दरों से निवेश योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में विद्युत दरों की तुलनात्मक स्थिरता के कारण वहां के उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल रहा है। जबकि उत्तराखंड में निरंतर बढ़ती बिजली की दरों से औद्योगिक पलायन की आशंका बढ़ रही है साथ ही वोल्टेज एवं लोड आधारित टैरिफ लागू न होने से उच्च वोल्टेज उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। कहा कि प्रस्तावित वृद्धि पर पुनर्विचार कर संतुलित एवं वहनीय दर संरचना सुनिश्चित की जाए।
पूर्व अध्यक्ष अशोक बंसल ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं से कहा गया था कि इससे विद्युत बिलों में कमी आएगी। स्मार्ट मीटरों को प्री-पेड मीटर में कन्वर्ट कर दिया जाएगा। एप पर स्मार्ट मीटरों के बिल की पूरी डिटेल उपलब्ध कराई जाएगी। यूपीसीएल ने इनमें से कोई भी वायदा अब तक पूरा नहीं किया है। जब से स्मार्ट मीटर लगे हैं, उद्योगों के बिल बहुत ज्यादा बढ़े हुए आ रहे हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी मीटरों में कोई सुधार नहीं किया गया है।
जन सुनवाई में यूईआरसी के चेयरमैन एमएल प्रसाद, मेंबर टेक्निकल प्रभात किशोर डिमरी, मेंबर (लॉ) अनुराग शर्मा, डायरेक्टर फाइनेंस दीपक पांडेय, केजीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश कुमार मिड्ढा, संजय कुमार अदलखा, सुशील कुमार तुल्स्यान आदि मौजूद रहे।