रुद्रपुर। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मरीजों के संघर्ष का नजारा सोमवार को पुलिस लाइन रोड स्थित ईएसआईसी अस्पताल में देखने को मिला। हद तो तब हो गई जब पैर पर प्लास्टर चढ़ाए 55 वर्षीय महिला से अस्पताल प्रशासन ने कह दिया कि पहले दो किमी दूर आवास विकास स्थित ईएसआईसी अस्पताल जाकर पर्चा बनवाओ फिर यहां दवा लेने आना।
दरअसल, पुलिस लाइन रोड स्थित ईएसआईसी अस्पताल में डाक्टर सहित स्टाफ की भारी कमी है। यहां डाक्टरों के 25 में से 22 पद रिक्त हैं। अस्पताल के पास खुद के हड्डी रोग, बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेसियोलॉजिस्ट सहित सिर्फ तीन चिकित्सक ही हैं। बाकी मर्ज के लिए यहां निजी अस्पतालों के डॉक्टरों से अनुबंध किया गया है। समय पर इन्हें बुलाया जाता है।
सोमवार को पर्चा काउंटर पर सन्नाटा रहा। पर्चा बनवाने आए मरीजों से कहा गया कि पर्चा यहां नही बनेगा। दवा लेने के लिए पहले आवास विकास स्थित ईएसआईसी अस्पताल जाकर पर्चा बनवाओ। 55 वर्षीय आदर्श नगर निवासी रामवती यादव के पैर पर प्लास्टर चढ़ा था। उनसे भी यही कह गया कि पर्चा बनवाने के लिए आवास विकास स्थित ईएसआईसी अस्पताल जाना पड़ेगा। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को फोन कर पर्चा बनवाने के लिए आवास विकास भेजा। संवाद
पीड़ित बोले-
-हाथ टूट गया था प्लास्टर जिला अस्पताल में चढ़वा लिया था। मेरे पास ईएसआईसी कार्ड है तो सोचा यहां से दवा ले लूं, लेकिन यहां पर्चा नही बना। कहा गया कि पर्चा के लिए आवास विकास स्थित ईएसआईसी अस्पताल जाना पड़ेगा, तभी दवा मिलेगी।
- उमाशंकर, ट्रांजिट कैंप
- बुखार था दवा नही मिली। पहले आवास विकास से पर्चा बनवाना पड़ेगा तब दवा मिलेगी।
- सीमा देवी, दशमेशनगर कॉलोनी
इसकी जानकारी नही है। कुछ भी बोलने के लिए हम अधिकृत नही हैं। अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है।
-प्रवीण शर्मा, पीएमएस ईएसआईसी अस्पताल