काशीपुर। पौराणिक गिरीताल सरोवर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। सिंचाई विभाग सरोवर के सौंदर्यीकरण की डीपीआर तैयार कर रहा है, जिसके बाद इसको धरातल पर उतारा जाएगा।
पौराणिक गिरीताल सरोवर लगभग 24 एकड़ में फैला हुआ है। एक वक्त था जब क्षेत्रवासी यहां घूमने व पिकनिक मनाने जाते थे। यहां पर कई वर्ष पहले तक नौकायन की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन देखरेख के अभाव में यह सरोवर के बजाए कचरा घर बनकर रह गया है। क्षेत्रवासी यहां घरों की पूजन सामग्री व कूड़ा कचरा फेंक देते हैं। इसके चलते इसका अस्तित्व खत्म होने लगा है। नगर निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त बंशीधर तिवारी ने गिरीताल सरोवर के सौंदर्यीकरण व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना व डिजायन बनवाया था जिसको जिला विकास प्राधिकरण की ओर से कराया जाना था, लेकिन समय गुजरने के साथ वह ठंडे बस्ते में चला गया।
अब एक बार फिर मेयर दीपक बाली के प्रयास से गिरीताल के सौंदर्यीकरण की योजना बनाई गई है। इसकी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को सौंपी गई है। इससे पहले सौंदर्यीकरण कुमाऊं मंडल विकास निगम को करना था, निगम ने 6.30 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की थी। सिंचाई विभाग अब इसके सौंदर्यीकरण की नई डीपीआर तैयार कर रहा है। सिंचाई विभाग के ईई एके जॉन ने बताया कि डीपीआर तैयार होने के बाद शासन को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद योजना को धरातल पर उतारा जाएगा।
सरोवर में यह होगा खास
गिरीताल सरोवर सौंदर्यीकरण के अंतर्गत यहां बच्चों के खेलने व बुजुर्गों के घूमने के साथ-साथ युवाओं के लिए हाईटेक लाइब्रेरी भी बनेगी और रेस्टोरेंट हट आदि का भी निर्माण होगा। शानदार फव्वारे व लाइटिंग की व्यवस्था होगी और टापू बनेगा। झील को सुंदर रूप दिया जाएगा। इसके अलावा यहां पर योग के लिए अलग से स्थान निर्धारित किया जाएगा। सरोवर क्षेत्र के मंदिरों का जीर्णोद्धार व सुंदर बनाए जाने के साथ पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इसका प्रचार-प्रसार करने की योजना है।