इस बार 11 मार्च से मुकद्दस रमजान शुरू हो गए, जो दस अप्रैल तक चले। 30वें दिन शाम को मगरिब की नमाज के बाद उलेमा व लोगों ने चांद के दीदार किए। चांद देखने के बाद उलेमाओं ने बृहस्पतिवार आज ईदुल फितर का त्योहार होने की घोषणा की। इससे पूर्व सारा दिन शहर में मुस्लिम समुदाय के लोग त्योहार को लेकर खरीदारी करते नजर आए। काशीपुर के नगर आयुक्त विवेक राय ने बताया कि ईदगाह और मस्जिदों के आसपास साफ सफाई और पेयजल आदि की व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी सभी संभावित तैयारियों के प्रभावी इंतजाम करने और स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कहां कब होगी ईद की नमाज
- रुद्रपुर ईदगाह - सुबह 8:30 बजे
- गदरपुर ईदगाह - सुबह 8:00 बजे
-मुंडिया पिस्तौर ईदगाह - सुबह 9:30 बजे
- बाजपुर जामा मस्जिद - सुबह 9:00 बजे
- केलाखेड़ा ईदगाह - सुबह 8:30 बजे
- काशीपुर ईदगाह - सुबह 9:00 बजे
- जसपुर ईदगाह - सुबह सुबह 9:00
- जसपुरजामा मस्जिद - सुबह 8ः30 बजे
रोजा इफ्तार कर मांगी अमन चैन की दुआ
काशीपुर। जसपुर रोड स्थित एक स्थल पर रमजान के पाक महीने में रोजा इफ्तारी का आयोजन किया गया। कारी इमाम मो. कौनेन ने रमजान की फजीलत बयां की। इस दौरान मुल्क की शांति, सौहार्द, अमन व चैन की दुआ भी मांगी गई। वहां शमशुद्दीन सैफी, आसिफ रजा, अकरम पठान, एमए राहुल, डॉ. युनूस चैधरी, इंतजार हुसैन आदि थे। संवाद
ईद को लेकर पीएस कमेटी की हुई बैठक
खटीमा। खटीमा कोतवाली में हुई पीस कमेटी की बैठक में ईद पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। बैठक में कोतवाल मनोहर सिंह दसौनी आदि थे। संवाद
सूरज निकलने के बाद से शुरू हो जाता है ईद की नमाज का समय
जसपुर। ईद-उल-फितर का चांद नजर आने से लोगों के चेहरों पर ईद की खुशी छा गई। शहर इमाम कारी मोहम्मद अय्यूब ने कहा कि बेहतर है लोग ईद की नमाज ईदगाह में अदा करें। नमाज के लिए ईदगाह पैदल जाए, जाने और आने का रास्ता बदलकर चलें। ईद की नमाज का समय सूरज निकलने के बाद से शुरू हो जाता है। ईद के दिन कोई गरीब खुशी से महरूम न रह जाए। संसार में यदि स्वर्ग का नजारा देखना हो तो ईद-उल-फितर के मंजर की कल्पना करो।