सरकार की ओर से पुराने नोट बैंक में जमा कराने के लिए 30 दिसंबर आखिरी तारीख तय की गई थी। माना जा रहा था कि शहर में लोग आखिरी तारीख को पुराने नोट जमा कराने के लिए काफी तादाद में पहुंचेंगे, लेकिन शहर के प्रमुख बैंकों के कैश काउंटर खाली दिखे।
नोटबंदी के बाद सरकार की ओर से पुराने नोटों को बैंकों में जमा कराने के लिए तीस दिसंबर के लिए कहा गया था। इसके बाद पुुुराने नोट बैंकों में भी मान्य नहीं होंगे, लेकिन लोगों ने पहले ही पुराने नोट बैंकों में जमा करा दिए हैं। इस कारण बृहस्पतिवार को तमाम बैंकों के कैश काउंटर पर सिर्फ चुनिंदा लोग ही पुराने नोट जमा कराने आए उसमें भी कोई एक-दो ही पुराने नोट थे।
पीएनबी शाखा के मुख्य प्रबंधक रमेश थांगी ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि दोपहर तक सिर्फ दो लोगों के द्वारा ही पुराने नोट बैंक में जमा कराए गए हैं। वह भी बहुत कम संख्या में हैं। थांगी ने बताया कि नोटबंदी के बाद ही लोगों ने पुराने नोट बैंक में जमा करा दिए हैं। यही कारण है कि तीस दिसंबर को बैंक में न के बराबर ही लोग पुराने नोट जमा करने आए।
इधर सेंट्रल बैंक ऑफ के मुख्य प्रबंधक राजेश गेरा ने बताया कि दोपहर तक उनकी शाखा में कोई भी पुराने नोट जमा करने नहीं आया। गेरा ने भी नोटबंदी के शुरूआती दिनों का हवाला देते हुए कहा कि भारी संख्या में पुराने नोट पहले ही जमा हो गए हैं। यही हाल नैनीताल बैंक में भी देखने को मिला वहीं पर भी कैश काउंटर सूने दिखे तो कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली।
रुद्रपुर। पुराने नोट जमा करने के आखिरी दिन तीस दिसंबर को जिले के प्रमुख डाकघर में एक भी पुराना नोट नहीं जमा हुआ। इससे खुद डाकघर के कर्मचारी भी हैरान हैं, क्योंकि डाकघर के प्रमुख अधीक्षक एससी राय ने बताया कि आखिरी दिन को हटा दिया जाए तो नोटबंदी के बाद डाकघर में दो करोड़ से अधिक पुराने नोट जमा हुए थे। राय के अनुसार वह इस बात की उम्मीद कर रहे थे कि डाकघर में तीस दिसंबर को काफी संख्या में पुराने नोट जमा होंगे, लेकिन पुराने नोट जमा नहीं होने से डाकघर के कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली।
रुद्रपुर। शहर के बैंकों में पांच सौ के नए नोटों की किल्लत अब भी बरकरार है। पीएनबी मुख्य शाखा प्रबंधक रमेश थांगी ने बताया कि पांच सौ के नये नोट बहुत कम संख्या में ही आरबीआई की ओर से आ रहे हैं। कहना मुश्किल है कि पांच सौ के नए नोट कब तक अधिक संख्या में बैंक को मिलेंगे। वहीं पांच सौ के नए नोटों की कमी के चलते महिलाओं को बाजार में खरीददारी के दौरान परेशानी हो रही है।
काशीपुर। 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को जमा करने के आखिरी दिन कई बैंकों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने अपने पास रखे पुराने नोटों को खातों में जमा कराया। विभिन्न बैंकों में एक करोड़ तीन लाख के पुराने नोट जमा हुए। केंद्र सरकार ने आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा करने के साथ 1 हजार और 500 रुपये के पुराने नोटों को जमा करने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर रखी थी। शुक्रवार को नोट जमा करने के आखिरी दिन बड़ी संख्या में लोग पुराने नोट खातों में जमा करने के लिए बैंक में पहुंचे। एसबीआई की मुख्य शाखा में करीब एक करोड़ के पुराने नोट जमा हुए। पीएनबी में करीब 40 हजार रुपए, एचडीएफसी बैंक में एक लाख रुपए के पुराने नोट जमा हुए। वहीं शहर के डाकघर में डेढ़ लाख से अधिक पुराने नोट जमा किए गए। ब्यूरो
खटीमा। नोटबंदी के पचास दिन पूरे होने के बावजूद नगर के अधिकांश बैंकों और एटीएम में कैश नहीं है तो कुछ बैंकों ने आवश्यकता से कम कैश है। शुक्रवार को नगर में केवल कार्पोरेशन बैंक के एटीएम में कैश था। वहां लाइन में लगे खाताधारकों में करेंसी की कमी को लेकर आक्रोश तो था लेकिन उन्होंने सरकार की विमुद्रीकरण के फैसले को देशहित में भी बताया। टनकपुर रोड में कुछ एटीएम ऐसे हैं जो नोटबंदी के बाद से खुले ही नहीं हैं। व्यापारी बैंकों से स्वाइप मशीन की मांग कर रहे है लेकिन बैंक उन्हें मशीन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।