काशीपुर। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान जो फैक्ट्रियां बंद हैं, उनके मजदूरों को पूरा वेतन देने की घोषणा की थी। नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, जबकि औद्योगिक क्षेत्र महुआखेडा गंज की अधिकांश फैक्ट्रियों पर लॉकडाउन में बंदी के दौरान का वेतन नहीं देने का आरोप है। लेबर इंस्पेक्टर काशीपुर कई फैक्ट्रियों से कर्मचारियों को बंदी की अवधि का वेतन दिला चुके हैं। कई की जांच जारी है। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि महुआखेडागंज की अधिकांश फैक्ट्रियां चालू हो गई हैं। अधिकांश ने कर्मचारियों को बंदी के दौरान का भी पूरा वेतन दिया है, लेकिन कई ने बंदी की अवधि का आधा ही वेतन दिया है। किसी भी फैक्ट्री में श्रमिक संगठन नहीं होने से कोई भी शिकायत करने को तैयार नहीं है। श्रमिकों को डर है कि मालिक शिकायत करने वालों को नौकरी से निकाल देंगे। इसकी जानकारी श्रम विभाग के अधिकारियों को है, लेकिन वह भी बिना शिकायत के कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। श्रमिकों ने बताया कि स्थानीय उद्योगपतियों के जितने भी छोटे बड़े कारखाने हैं सभी ने अपने कर्मचारियों को लॉकडाउन की बंदी की अवधि का पूरा वेतन दिया है। उधर लेबर इंस्पेक्टर हरीश आर्या ने बताया कि सभी संस्थानों को लॉकडाउन में बंदी के दौरान का पूरा वेतन देने के सरकारी आदेश हैं। जो संस्थान पूरा वेतन नहीं दे रही है, उसके कर्मचारी लेबर कमिश्नर कार्यालय में शिकायती प्रकोष्ठ में शिकायत करेंगे। फिर वहां से उनको जांच का आदेश मिलने पर वह जांच करेंगे। आर्या ने बताया कि वह अभी तक आधा दर्जन फैक्ट्रियों के कर्मचारियों का माह मार्च का पूरा वेतन दिला चुके हैं। कई की जांच जारी है। जिसकी भी शिकायत आएगी उसकी जांच होगी और पूरा वेतन दिलाया जाएगा।