रुद्रपुर बस अड्डे के जिन दस्तावेजों की जांच के आदेश जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को दिए थे वे बुधवार की रात के अंधेरे में जलकर राख हो गए। पिछले दिनों अमर उजाला में जिला मुख्यालय रुद्रपुर के बस अड्डे में वर्षों से हो रही अनियमितताओं का खुलासा किया था। अभियान के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और बस अड्डे में चल रहे करोड़ों रुपये के अवैध धंधे की जांच करानी चाही। इस पूरे गोरखधंधे में विभाग के आला अधिकारियों की गर्दन भी फंस रही थी। बताते हैं उससे बचने के लिए ही सुनियोजित तरीके से उसी कमरे में आग लगा गई है जहां संबंधित रिकार्ड रखे थे। बताते हैं घटना को अंजाम रात पौने नौ बजे के बीच दिया गया। इस आगजनी में विभाग के ही चार कर्मचारियों पर उंगुली उठ रही है।
मौके के सूत्र बताते हैं कि रिकार्ड रूम को पूरी प्लानिंग के तहत जलाया गया। बताते हैं जब आग ने पूरी तरह से विकराल रूप ले लिया तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने हल्ला मचाकर फायरब्रिगेड को बुलाया। घोटालों में फंसे अफसरों को रिकार्ड डीएम डा. पंकज कुमार पांडेय ने मांगा था और इस कार्य में एसडीएम विजय कुमार जोगदंगे को लगाया गया था। मौके पर पहुंचे जांच अधिकारी एसडीएम विजय कुमार जोगदंगे ने जब कमरे का जायजा लिया तो अलमारियां पूरी तरह सुरक्षित थीं और सिर्फ वही रिकार्ड जलाया गया जिसमें हर माह करोड़ों की हेराफेरी हो रही थी। मौके पर मिले चौकीदार मोहननाथ गोस्वामी का कहना है कि उसे तो कुछ ऑफिस के लोगों ने कहा था कि वह कुछ देर घूमने चला जा। बताते हैं इसी बीच आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया।