। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के जीएम राजीव मिश्र ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों के पेंच कसे। स्टेशन में हाई मास्क लाइट खराब होने, प्लेटफार्म 2 में जाने वाली सीढ़ियों में साइनबोर्ड और लाइट नहीं होने पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर विद्युत को जमकर लताड़ लगाई। जीएम ने स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं की कमी पर नाराजगी जताई, व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया।
जीएम राजीव मिश्र बुधवार को सुबह 10 बजे स्पेशल कोच से रलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने पहले स्टेशन में स्थित दुकानों में रखे बिस्किट, पानी की बोतलें जांची। संचालकों से कहा कि खाने पीने का ब्रांडेड सामान ही बेचें। इस दौरान विश्रामालय कक्ष में गंदी चादर देखकर नाराजगी जताई। ट्रेनों की आवाजाही की जानकारी के लिए लगाई गई एलसीडी के फांट बड़ा करने के लिए निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि परिसर की हाई मास्क लाइट एक साल से खराब है। जीएम ने इस पर हैरानी जताते हुए अधीनस्थों को इसे जल्द ठीक कराने को कहा। प्लेटफार्म 2 और 3 को जाने के लिए सीढ़ियों के पास साइनबोर्ड और लाइटें नहीं होने पर भी जीएम ने असंतोष जताया। सीनियर सेक्शन इंजीनियर विद्युत अनुराग सिंह को कड़ी फटकार लगाई।
जीएम ने स्वास्थ्य केंद्र में महज 30 फीसदी दवाएं होने, सिंगल बैड, लोकल अस्पताल से कोई टाइअप नहीं होने, एंबुलेंस नहीं होने पर सीएमओ अरुण कुमार खुन्नू को तलब किया। उन्हें व्यवस्थाओं में सुधार करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को स्टेशन परिसर में एटीवीएम मशीनों के पास टिकट लेने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलिंग लगाने स्टेशन ई-बुकिंग के साथ-साथ मैनुअल बुकिंग कराने के लिए निर्देशित किया।
। निरीक्षण के दौरान मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में जीएम राजीव मिश्र ने कहा कि पिछले निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का काफी हद तक अमल हुआ है। प्लेटफार्म दो और तीन को उच्चस्तरीय बनाने का काम जल्दी शुरू हो जाएगा। इसे छह सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। इस मौके पर मंडल रेल प्रबंधक निखिल पांडे, वरिष्ठ मंडल रेल इंजीनियर वीके गुप्ता, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आरसी श्रीवास्तव, स्टेशन प्रबंधक रामसुख मौजूद थे। ।
जीएम राजीव मिश्र ने बताया कि रोडवेज और अनन्या होटल के पास रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण एनएचईआई कराएगा। चीमा चौराहे के पास आरओबी का निर्माण रेलवे राज्य सरकार की मदद से करेगा, जिसके लिए राज्य सरकार से प्रस्ताव मांगा जाएगा।
उन्होंने बताया कि रेलवे मंत्रालय के निर्देश पर मानव रहित फाटकों को समाप्त किया जा रहा है। 3 साल में ये शून्य हो जाएंगे। इस साल 193 मानव रहित क्रासिंग में से 56 को बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि काशीपुर और लालकुआं के बीच दो पुलों का निरीक्षण प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर के साथ किया जाएगा।