मगरमच्छ के हमले में देवहा नदी में लापता किसान का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चला। दूसरे दिन भी पुलिस, वन विभाग व एनडीआरएफ की टीम ने नदी व किनारों पर रेस्क्यू अभियान चलाया। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली। मौके पर पहुंचे विधायक प्रेम सिंह राणा ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने वन विभाग से वार्ता कर पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 20 हजार रुपये का चेक परिजनों के सुपुर्द किया।
बुधवार की शाम चोरगलिया से पहुंची एनडीआरएफ की टीम के साथ पुलिस, वन विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से देवहा नदी के गौड़ी घाट से लेकर कई किमी तक लापता किसान अमरीक सिंह पुत्र स्व. हरनाम सिंह की खोज के लिए रेस्क्यू आपरेशन चलाया। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली। एनडीआरएफ की टीम के पास नाव न होने के चलते नदी के किनारे किनारे रेस्क्यू आपरेशन चलाया।
टीम ने बताया गया कि कल तक नाव की व्यवस्था हो जाएगी और टीम द्वारा नदी के बीच में रेस्क्यू किया जाएगा। गौरतलब है कि मंगलवार को ज्ञानपुर गौढ़ी निवासी अमरीक सिंह देवहा नदी किनारे शौच करने गया था। घाट के समीप मगरमच्छ ने उसको अपना शिकार बना लिया। किसान की चीख सुनकर आसपास खेतों में मौजूद ग्रामीण जब तक वहां पहुंचे तब तक मगरमच्छ किसान को लेकर नदी के अंदर चला गया था।
घटना की सूचना मिलने पर विधायक प्रेम सिंह राणा भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधवाया। विधायक ने रेंजर आरएस मनराल से वार्ता कर पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 20 हजार का चेक दिलवाया। वहां पर तहसीलदार राधेश्याम राणा, राजस्व निरीक्षक मोहनगिरी गोस्वामी आदि थे।