गूलरभोज। एनआरआई और उनकी दिवंगत मां के नाम पर फर्जी कागजातों के सहारे बैंक ऑफ बड़ौदा से 32 लाख रुपये ऋण के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि काशीपुर में इसी तरह की धोखाधड़ी कर बैंक से ऋण लेने वाला व्यक्ति खानपुर में फर्जी ऋण लेने वालों का गवाह था। इस मामले में गदरपुर पुलिस ने शिकायतकर्ता को घटनास्थल उनके क्षेत्र का नहीं होने का हवाला देते हुए दिनेशपुर थाने में तहरीर देने को कहा है। वहीं तहसीलदार ने इस मामले में जांच बैठा दी है। मामला सुर्खियां बनने के बाद बैंक प्रबंधन ने चुप्पी साध ली है। इस मामले में बड़े नेटवर्क की लिप्तता अंदेशा लगाया जा रहा है।
दरअसल बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा खानपुर गदरपुर से कनाडा में रहने वाले अनूप सिंह और उनकी दिवंगत मां गुरदेव कौर के नाम पर फर्जी कागजात बनाकर 32 लाख का ऋण ले लिया गया था। फरवरी 2022 में लिया गया ऋण अनूप की गोविंदपुर गूलरभोज स्थित कृषि भूमि पर लिया गया था। यह मामला तब सामने आया जब अनूप सिंह की जमीन की देखरेख कर रहे सचिदानंद गुप्ता ने तहसील से जमीन की खतौनी निकाली थी। इस खतौनी में पता चला था कि खेत नवंबर 2022 बैंक ऑफ बड़ौदा में 16-16 लाख रुपये में बंधक है। इसी तरह का मामला नवंबर 2022 में काशीपुर में उजागर हुआ था। इंग्लैंड में रहने वाले चरनजीत सिंह के पिता जैतपुर काशीपुर निवासी बूड़ सिंह के नाम पर बैंक ऑफ इंडिया काशीपुर से किसी ने फर्जी बूड़ सिंह बनकर 34.84 लाख का लोन लिया है।
सूत्रों के अनुसार यह मामला सामने आने पर बैंक की ओर से खानपुर के बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से संपर्क किया था। इसके बाद पता चला था कि काशीपुर में फर्जी लोन लेने वाला व्यक्ति अनूप सिंह की जमीन पर लोन लेने वाले लोगों का गवाह है। जब बैंक ने अनूप की खतौनी निकलवाई तो उसमें ऋण अंकित नहीं था। इसके बाद बैंक की ओर से खतौनी पर ऋण चढ़ाया गया था। गदरपुर एसओ राजेश पांडेय ने बताया कि शिकायतकर्ता से मामले की जानकारी ली गई थी। संबंधित बैंक दिनेशपुर क्षेत्र में आता है इसलिए उनको दिनेशपुर थाने में तहरीर देने को कहा गया है। तहसीलदार पूजा शर्मा ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से प्रार्थना पत्र आया है और अधीनस्थों को जांच के आदेेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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सावधान! फर्जी कागजों से ऋण लेने वाले जालसाज सक्रिय
गूलरभोज। जिले में फर्जी कागजातों के सहारे ऋण लेने वाला गिरोह सक्रिय है। काशीपुर के बाद खानपुर में इस तरह का फर्जीवाड़ा उजागर हो चुका है। माना जा रहा है कि गिरोह में शामिल लोगों ने अन्य बैंकों में भी इस तरह की जालसाजी की होगी। गिरोह के निशाने पर बुजुर्ग और विदेश में रहने वाले लोग रहते हैं। जालसाज जमीनों के साथ ही उनके मालिकों के फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कर लेते हैं। इसके बाद बैंक में दिखाकर मोटा ऋण लेकर उसको हड़प जाते हैं। बैंक की ओर से भी कागजातों की गहन पड़ताल नहीं होने से जालसाज अपने मंसूबों में कामयाब हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले के बाद अन्य बैंक में भी हलचल है। संवाद