काशीपुर। जालसाजों की ओर से फर्जी तरीके से लिया गया लोन जमा करके बैंक ने इतिश्री कर ली थी। मामले में ठग के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई।
नवंबर में ग्राम जैतपुर घोसी निवासी चरणजीत सिंह ने बैंक ऑफ इंडिया काशीपुर शाखा में शिकायती पत्र देकर बताया कि उनके पिता बूढ़ सिंह के नाम से जालसाजों ने 34.84 लाख का कर्ज ले लिया जबकि उनके पिता की मृत्यु साल 2012 में ही हो चुकी है। चरणजीत काम के सिलसिले में इंग्लैंड रहते हैं। जमीन की विरासत अभी वह दर्ज नहीं करा पाए हैं। 31 अक्तूबर 2022 को उन्हें पता चला कि उनके पिता के नाम वाली जमीन पर किसी ने फर्जी तरीके से कर्ज लिया है। यह कर्ज खतौनी पर भी चढ़कर आ रहा है। उन्होंने बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे।
बैंक ऑफ इंडिया काशीपुर शाखा के बैंक मैनेजर दीपक चौहान ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उस दौरान बैंक के कुछ कर्मचारियों पर भी आरोप लगाए गए थे, लेकिन जांच में ऐसा कुछ नहीं पाया गया, जिससे बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठें। अब बैंक का पैसा वापस आ चुका है। बैंक का पैसा वापस आ जाने के चलते हमने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। मामला पुराना होने के चलते उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जालसाज फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाकर बैंक को दे देते हैं जो हूबहू असली दस्तावेजों की तरह दिखते हैं। ऑनलाइन चेक करने पर भी फोटो से मिलान नहीं हो पाता, जिसके चलते जालसाज किसी दूसरे की जमीन पर लोन लेने में सफल हो जाते हैं।