काशीपुर। मानसूनकाल में होने वाली नमी बिजली आपूर्ति पर भारी पड़ रही है। ट्रांसफार्मरों के ब्रेकर और पैनल बॉक्स में समस्या आने से करंट पर ब्रेक लग रहा है। उमस भरी गर्मी में बिजली गुल होने से बचाने के लिए ऊर्जा निगम की ओर से बिजली घरों में हीटर लगाए गए हैं।
अप्रैल से लेकर जून तक पड़ने वाली भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए बिजली घरों में कूलर चलाया जा रहा था। बारिश होते ही अब तस्वीर बदल गई है। वातावरण की नमी अब ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरणों को प्रभावित करने लगी है। नमी को सोखने के लिए उपकरणों को गर्म रखना पड़ रहा है। विगत दिनों शहर में हुई 100 मिमी बारिश के बाद कई क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई थी। ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार मानसून में ट्रांसफार्मरों के ब्रेकर और पैनल बॉक्स में नमी से इन्सुलेशन कमजोर होता है। इससे स्पार्किंग होती है और ब्रेकर बार-बार ट्रिप हो जाते हैं।
इनसेट....
बार-बार ट्रिप होने लगती है लाइन
मानसून में ट्रांसफार्मरों पर हुए नमी के असर से बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट होने लगता है। इसके कारण कई बार शहर के अलग-अलग इलाकों में लोगों को विद्युत कटौती का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारियों के लिए भी आपूर्ति सुचारू बनाए रखना बड़ी चुनौती बन जाता है।
कोट:-
मानसूनकाल में बिजली घरों में लगे ट्रांसफार्मरों के ब्रेकर में नमी आना बेहद आम लेकिन खतरनाक समस्या है। इसके प्रभाव से लाइनों को होने वाले शॉर्ट सर्किट से बचाने के लिए एंटी-कंडेनसेशन हीटर लगाएं गए हैं। हीटर नमी को सोखकर निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने में मदद करते हैं।
-अजीत यादव, ईई ऊर्जा निगम