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Udham Singh Nagar News: सपना स्मार्ट सिटी का... रोडवेज परिसर में कीचड़ में सनकर सफर कर रहे यात्री

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रुद्रपुर रोडवेज बस अड्डे पर कीचड़ से बचकर जाती महिला।
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रुद्रपुर। स्मार्ट सिटी का सपना देखने वाले रुद्रपुर का रोडवेज बस अड्डा बरसात में बदतर हो गया है। पूरे परिसर में कीचड़, जलभराव और गंदगी का आलम है। 20-500 रुपये तक का टिकट लेकर भी यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं नसीब नहीं हो पा रही हैं। मजबूरी में लोग जूते हाथ में लेकर कीचड़ पार कर रहे हैं।
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मंगलवार को अमर उजाला ने बस अड्डे की अव्यवस्था की पड़ताल की। टिकट खिड़की के पास कचरे का ढेर, पानी पीने की टंकी सूखी और शौचालय पर ताला लटका मिला। टूटी बेंचों पर बैठना भी मुश्किल था। दिल्ली की बस पकड़ने आए यात्री राजेश कुमार गुस्से में दिखे। उनका कहना था कि परिवहन निगम टिकट के रुपये पूरे लेता है और सुविधा के नाम पर यात्री कीचड़ से सने परिसर से गुजरने के लिए मजबूर हैं।
हल्द्वानी से सामान लेकर आईं सीमा देवी ने बताया कि बच्चे तीन बार गिरते-गिरते बचे। बुजुर्गों के लिए तो यहां से गुजरना बहुत मुश्किलभरा है लेकिन जिम्मेदारों को इससे कोई मतलब नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछली बरसात से परिसर का यही हाल है। फाइलें चलती हैं लेकिन काम नहीं होता। जब तक अधिकारी सिर्फ बयान देंगे तब तक यात्री कीचड़ में ही सफर करते रहेंगे।
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बस टर्मिनल के इंतजार में हावी हुईं अव्यवस्थाएं
रुद्रपुर में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बस टर्मिनल के कारण यात्रियों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। चार साल से यह काम कछुआ चाल से चल रहा है। किच्छा बाईपास पर मुख्य गेट का निर्माण भी अधर में अटका है।

56 दुकानों पर राजनीति से रुकी बुलडोजर की कार्रवाई
मुख्य गेट के निर्माण में 56 दुकानें बाधा बन रही हैं। इन दुकानदारों को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए गए। नोटिस मिलते ही विधायक शिव अरोरा और मेयर विकास शर्मा अतिक्रमणकारियों के साथ खड़े हो गए। राजनीति के कारण बुलडोजर की कार्रवाई को रोकना पड़ा है।

कोट
बस टर्मिनल का कार्य प्रगति पर है। परिसर का निर्माण कार्य होने के कारण यात्रियों को असुविधा हो रही है। शीघ्र निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। - मधुसूदन मिश्रा, एआरएम, परिवहन निगम
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