तेज हवाओं के साथ आए चक्रवात ने ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर कहर बरपाया। बड़ी संख्या में पेड़ उखड़कर धराशाही हो गए, वहीं एक पेड़ गिरने से चपेट में आकर बालिका की मौत हो गई। तीन और बच्चे घायल हो गए।
एक गोदाम की छत उड़ने से उसमें रखा करीब दो लाख रुपये का बीज भीगकर खराब हो गया। वहीं चक्रवात के गिरे ओलो से एक दर्जन किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।
मंगलवार की सुबह तेज हवाओं के साथ चक्रवात आंधी आ गई। ग्राम बैंतवाला में दर्जनों छोटे बड़े पेड़ गिर गए, वहीं मकानों के टिन शैड उड़ गए। आंधी के बीच देवेंद्र कुमार की बेटी पलक (8) पड़ोस के ही कुंवर सेन की पुत्री चांदनी (12)के साथ खेत में चारा लेने गई थी। आंधी में आम का पेड़ टूटकर दोनों के ऊपर गिर गया।
जिसमें दोनों गंभीर रुप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में लाया गया, जहां डाक्टर ने पलक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण देवेंद्र के घर पर जमा हो गए।
एएसपी कमलेश उपाध्याय, सीओ जीसी टम्टा, एसडीएम जसपुर एचएस मर्तोलिया, एसओ कुंडा नासिर हुसैन ने देवेंद्र के घर पहुचंकर ढांढस बंधाया। चक्रवात से ग्राम भरतपुर में करन सिंह के घर की दिवार गिरने से दबकर उसके दो बच्चे नितिन (12) और जतिन (10) घायल हो गए। वहीं आंधी में ग्राम प्रधान मंजीत सिंह के गेंहू के गोदाम की टिन की छत उखड़कर दूर जा गिरी। बारिश में भीगकर करीब 60 क्विंटल गेहूं का बीज खराब हो गया।
वहीं दो कमरों की दो कमरों के टीन के शैड भी उड़ गए। ओलावृष्टि से ग्राम भरतपुर निवासी दर्शन सिंह, बलिहार सिंह, सतनाम सिंह, अमरपाल सिंह, करनैल, सरदूर सिंह, नरेंद्र सिंह सहित एक दर्जन किसानों की दर्जनों बीघा में तैयार खड़ी धान की फसल खराब हो गई।