काशीपुर। चैती मेला खत्म होने के बावजूद मंदिर परिसर के पास खादी की चादरें, बैडशीट, कंबल, कालीन की दुकानें सजी हैं और ग्राहक भी खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।
मां बाल सुंदरी देवी का चैती मेला 19 मार्च से शुरू हुआ था और 24 अप्रैल को मेले का समापन हो गया। इस दौरान दूरदराज से कपड़े, खेल-खिलौने, सिलबट्टा, लाठी व सिंदूर का कारोबार करने वाले पहुंचे थे। मेला समापन के बाद अधिकतर दुकानदार वापस चले गए। वहीं खादी की चादरें, बैडशीट, कंबल, कालीन आदि बेचने वाले अभी दुकानें सजाए हुए हैं। जहां शाम के समय शहरवासी खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।
दुकानदार कामिल व लियाकत ने बताया चैती मेला में यूपी के बिलारी व मिलक से खादी की चादरें, बैडशीट, कंबल, कालीन आदि बेचने के लिए यहां दुकान सजाते हैं। उन्होंने बताया चैती मेले के दौरान काफी कम कारोबार हुआ जिसके चलते वह लोग यहां रुक गए। कामिल ने बताया कि पानीपत व जयपुर की चादरें, कालीन आदि यहां बिक्री के लिए रखे गए हैं जिसे ग्राहक पसंद कर रहे हैं और खरीदारी भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया दरी 200 रुपये से, चादर जोड़ा 320 रुपये से, डबलबैड शीट 260 रुपये और मच्छरदानी 300 रुपये से ऊपर क्वालिटी व डिजायन के मुताबिक बिक रही हैं।