राधेहरि डिग्री कॉलेज में छात्र संघ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे एक दावेदार वीरजोत सिंह ग्रेवाल के परीक्षा में फेल होने के बाद बखेड़ा हुआ। दावेदार और समर्थकों ने कबीना मंत्री इंदिरा हृदयेश पर साजिशन फेल कराने का आरोप लगाते हुए एमपी चौक में एनएच को पौन घंटा जाम रखा और मंत्री का पुतला फूंका। जाम की वजह से हाइवे के तीनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दावेदार ने न्याय नहीं मिलने पर चौक पर आत्मदाह की धमकी दे डाली। एएसपी ने दल बल के साथ मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया।
तीन महीने से चुनाव प्रचार में जुटा वीरजोत ग्रेवाल डिप्लोमा इन टूरिज्म की परीक्षा में फेल हो गया। बुधवार को वीरजोत ने अपने समर्थकों के साथ आवास विकास के समीप स्थित आवास से जुलूस निकाला। समर्थकों ने एमपी चौक को जाम कर दिया और कबीना मंत्री इंदिरा हृदयेश के खिलाफ नारेबाजी कर उनका पुतला फूंका।
वीरजोत ने कहा कि इंदिरा हृदयेश के इशारे पर उसको साजिशन फेल करवाया गया है, जिससे वह चुनाव लड़ने से वंचित हो जाए। विपक्षी उम्मीदवार को इंदिरा हृदयेश का समर्थन है। उन्होंने उनकी और विपक्षी उम्मीदवार की कॉपियां एक पैनल द्वारा जंचवाने और वीडियोग्राफी कराई जाने की मांग की। दोबारा मूल्यांकन के परिणाम आने तक छात्र संघ चुनाव नहीं कराए जाने को कहा। ऐसा नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
जाम के चलते बाजपुर रोड, मुरादाबाद रोड और रामनगर रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एएसपी कमलेश उपाध्याय अपनी टीम के साथ चौक पर पहुंचीं और छात्र नेताओं को समझाकर जाम खुलवाया। पौन घंटे बाद जाम खुला। छात्रों ने एएसपी को उनके दफ्तर में दो सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर छात्र संघ अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह गोपी, पूर्व अध्यक्ष रजनीत सिंह, हरप्रीत सिंह, जगरुप सिंह, मयंक मेहता, मयंक शर्मा, गगन कांबोज, हरदीप सिंह हैरी, सर्वजीत सिंह, सरफराज सैफी आदि छात्र मौजूद रहे।
डीएम से मांगे दिशा निर्देश
एमपी चौक पर बड़ी संख्या में वीरजोत समर्थकों के उतरने और जाम लगाने के बाद पुलिस प्रशासन में खलबली है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था की दृष्टि से डीएम से आवश्यक दिशा निर्देश मांगे हैं।
चौक पर जाम खुलवाने के बाद एएसपी कार्यालय में एएसपी कमलेश उपाध्याय, डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अर्जुन सिंह सिराड़ी, चुनाव प्रभारी डॉ. मनोज उप्रेती, तहसीलदार संजय कुमार, सीओ राजीव मोहन ने बैठक की। इसमें चुनाव की तिथि बढ़ाने और वर्तमान स्थितियों को लेकर चर्चा हुई। महाविद्यालय प्रशासन ने चुनाव की तिथि आगे बढ़ाने पर हाथ खड़े कर दिए।
एएसपी ने बताया कि छात्रों के धरना प्रदर्शन के बाद कानून व्यवस्था को देखते हुए डीएम से दिशा निर्देश मांगे गए हैं। उधर चुनाव प्रभारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है। लिहाजा चुनाव की तिथि आगे बढ़ाना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इस संबंध में डीएम ही कोई फैसला ले सकते हैं।
पौन घंटे बाद पहुंची पुलिस
वीरजोत समर्थकों ने शहर में जुलूस निकालकर एमपी चौक से निकलने वाले तीन हाइवे जाम कर दिए। चौक से कोतवाली और एएसपी दफ्तर की दूरी 100 मीटर के आसपास है। समर्थक जाम लगाने के साथ ही वाहन रोकते रहे, लेकिन मौजूद पुलिस के चंद सिपाही मूकदर्शक बने रहे। जब जाम काफी लंबा हो गया तो पौन घंटे बाद एएसपी दल बल के साथ वहां पहुंची और जाम खुलवाया। जाम में सीओ राजीव मोहन भी फंसे रहे। किसी तरह गलियों से वाहन निकालकर जब तक वे चौक पहुंचे, तब तक जाम खुल चुका था।
स्कूली बच्चों को तक नहीं निकलने दिया
जिस समय दावेदार और उसके समर्थक हाइवे जाम कर रहे थे, उस वक्त नजदीक के स्कूलों में बच्चों की छुट्टी हो रही थी। समर्थक वाहनों को रोके सड़कों पर बैठे हुए थे। इसी बीच जब पैदल और साइकिल पर स्कूली बच्चों ने वहां से निकलने की कोशिश की तो समर्थकों ने उन्हें लौटा दिया। इससे बच्चों को काफी लंबा चक्कर काटकर घर जाना पड़ा। हालांकि बाद में अन्य समर्थकों ने वहां पहुंचकर बच्चों को जाने के लिए रास्ता दिया। कुछ बाइक सवारों के साथ भी प्रदर्शनकारियों की नोंकझोंक हुई।