खटीमा। आबादी क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ने से लोग सहमे हुए हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में शाम के समय तेंदुए लगातार तेंदुए दिख रहे हैं। ग्रामीण वन विभाग से लगातार गश्त और वन्यजीवों को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाने की मांग कर रहे हैं।
नगला तराई ग्रामसभा के सूखापुल गांव के रास्ते में कुछ ग्रामीणों ने बुधवार शाम एक तेंदुए को घूमते देखा। इसी गांव में करीब सप्ताह पूर्व ग्रामीण नारायण सिंह कठायत के कुत्ते को तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया था।
इधर, चकरपुर क्षेत्र में भी नाले के पार ग्रामीणों ने एक तेंदुए को घूमते देखा। खेलड़िया गांव के पास रस्तोगी फार्म में सीसीटीवी कैमरे में दो बार तेंदुए दिख चुका है। नौसर गांव में रात के समय आंगन में तेंदुआ दिखने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
श्रीपुर बिचवा में भी तीन दिन पहले एक कुत्ते को तेुंदए ने अपना निवाला बनाया था। कैमरों में तेंदुए के ट्रैप न होने से वन विभाग के सामने भी चुनौती पेश आ रही है।
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बोले ग्रामीण
वर्जन
खेलड़िया गांव के पास रस्तोगी फार्म में दो बार तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में दिखा है लेकिन वन विभाग की टीम अभी तक तेंदुए को ट्रैप नहीं कर पाई है। वन विभाग के उच्च अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया है।
-प्रकाश तिवारी
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बुधवार रात एक बार फिर से गांव में तेंदुआ दिखा था। क्षेत्र में वन विभाग को गश्त तेज करनी चाहिए।
-गजेंद्र सिंह
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गांव के पास तेंदुए के साथ ही टाइगर भी दिख रहा है। इस कारण शाम के समय लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
-सुरेंद्र कठायत
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आजकल कुछ समय से तेंदुआ आबादी क्षेत्र में अधिक दिख रहा है। गांवों में रात के समय तेंदुआ कुत्तों को अपना शिकार बना रहा है।
-गोविंदी देवी
वन विभाग की ओर से लोगों को मानव वन्य जीव संघर्ष के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। सुरई, खटीमा और किलपुरा रेजें की टीमों की ओर से लोगों से अनावश्यक रूप से वनों में न जाने की अपील की जा रही है।
- संचिता, एसडीओ, खटीमा उप वन प्रभाग।