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नोट बंदी के चलते मंडी में छायी मंदी सब्जियों के दाम में भारी गिरावट

Fri, 09 Dec 2016 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
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खटीमा में पीलीभीत रोड स्थित मंडी परिसर की स्थिति - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी का असर सब्जी मंडी में भी दिखायी दे रहा है। मंडी में सब्जियों के भाव में भारी कमी के चलते उत्पादकों की लागत निकलना भी मुश्किल दिखाई दे रही है। मंडी के आढ़ती इसके लिए नोटबंदी को सबसे बड़ा कारण बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवस्था लड़खड़ाने व फुटकर विक्रेताओं के पढ़ा लिखा कम होने के कारण पूरा कारोबार नगद में होता है। पांच सौ और एक हजार का रुपया चलन में न होने के कारण केवल व्यवस्था बनाए रखने तक कारोबार किया जा रहा है।


पीलीभीत रोड स्थित मंडी समिति में नोटबंदी का अवसर साफ दिखाई दे रहा है। सब्जी का भाव जमीन पर आ गया है। इससे उत्पादकों की लागत पर विपरीत असर पड़ा है। मंडी में पंजाब से ट्रांसपोर्ट द्वारा लाकर यहां आलू थोक में पांच रुपए किलो बिक रहा है। यही स्थिति प्याज की है प्याज पांच से दस रुपए किलो, फूलगोभी तीन से चार रुपए, लौकी पांच, बैगन दो रुपए, टमाटर पांच रुपए, मिर्च आठ रुपए किलो बिक रही है। फुटकर सब्जी मंडी में आलू 10, प्याज 20, फूलगोभी 10, लौकी 15, बैगन 15, टमाटर भी 20 रुपए किलो बिक रहा है। 
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आढ़ती संजीव कुमार गुप्ता कहते हैं कि मंडी में भाव इतना गिर गया है कि उत्पादक व आढ़ती दोनों को नुकसान हो रहा है। सब्जी का व्यवसाय पूरी तरह नगद में होता है। नोटबंदी के चलते ट्रांसपोर्ट, भुगतान सहित सभी समस्याएं हैं। फिलहाल केवल व्यवस्था चलायी जा रही है। उन्होंने कहा कि सब्जी के फुटकर विक्रेता कार्ड द्वारा पेमेंट, चेक आदि का इस्तेमाल नहीं करते। व्यापारी मोहम्मद सईद कहते हैं कि नोट चलन में न होने से व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित है।

 
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