काशीपुर। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के पास अवैध मदरसों की जांच, सील करने, संबंधित नियम प्रावधानों के संबंध में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है, जबकि प्रदेश के मदरसों को उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद मान्यता देती है। सात जिलों में 452 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराई सूचना के अनुसार उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद देहरादून में अवैध मदरसों की जांच/मदरसों की संख्या/सूचना से संबंधित कोई भी अपेक्षित अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2016 और उत्तराखंड अशासकीय अरबी-फारसी मदरसा मान्यता विनियमावली 2019 के प्रावधानों के अंतर्गत मदरसों का रजिस्ट्रेशन और मान्यता उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से दी जाती है।
मदरसों के लिए निर्धारित मापदंड पूर्ण करने पर मदरसों को मान्यता दी जाती है। विनियमावली के अनुसार मदरसों की समिति सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के अंतर्गत रजिस्टर्ड होना आवश्यक है लेकिन वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड मदरसों को भी अस्थायी मान्यता दी जा सकती है। प्रदेश में सर्वाधिक 270 वैध मदरसे हरिद्वार में हैं। इसके बाद 119 मदरसे ऊधमसिंह नगर में हैं। देहरादून में 41, नैनीताल 18, चंपावत में दो और अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ जिले में एक-एक मदरसा संचालित है।