शक्तिफार्म। श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्र का 138वां जन्मोत्सव नगर में मैत्री विभा महोत्सव के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे भक्तों ने ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के द्वारा जन कल्याण के लिए बताए गए दृष्टांतों पर प्रकाश डाला।
टैगोर नगर में ठाकुर अनुकूलचंद्र के जन्मोत्सव में आयोजित मुख्य सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ठाकुर जी ने समाज निर्माण में मातृत्व को सर्वोच्च स्थान दिया है। वक्ताओं ने ठाकुर अनुकुलचंद्र जी के वचनों और जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उनकी वाणी जीवन का उद्देश्य मनुष्य बनना है, केवल जीना नहीं और चरित्र ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है को वर्तमान समय के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया।
इस मौके पर आंचलिक उत्सव कमेटी अध्यक्ष सूरज देवनाथ, रवि मजूमदार, तपन मंडल, उत्तम दास, सुजीत मजूमदार, सुब्रत दास, बांकेश सरदार, हराधन शाह, हराधन साना, दिलीप सरकार, अनूप राय, समर देवनाथ, अरुण मंडल, पंचानन मंडल, संजय हालदार, तापस दास, त्रिनाथ विश्वास, सब्यसाची हालदार, उमाशंकर बनर्जी, नंदलाल मजूमदार, महेंद्र सरकार, संजीत मिस्त्री, जितेंद्र मंडल, श्रीपति विश्वास थे।
मैत्री- विभा सम्मेलन में रहे मुख्य वक्ता
शक्तिफार्म। श्री श्री ठाकुर अनुकुलचंद्र जी के जन्मोत्सव पर आयोजित मैत्री विभा महोत्सव के दौरान बरेली से आए विश्वजीत बनर्जी, दिल्ली के श्यामल गांगुली, जौनपुर के डॉ नीलेश श्रीवास्तव, पंतनगर के डॉ. आशीष घोष, देहरादून के एवी आले, पीलीभीत के कृतिकांत मंडल व शक्तिफार्म के नरेंद्र नाथ चटर्जी मुख्य रूप से वक्ता रहे।