पुलिस विभाग के घुड़सवार दस्ते में शामिल सात वर्षीय घोड़े तेजस की बृहस्पतिवार को रहस्मय परिस्थितियों में मौत हो गई। तेजस को वर्ष 2015 में घुड़सवार दस्ते में शामिल किया गया था।
पुलिस के घुड़सवार दस्ते में वर्तमान में देसी नस्ल के छह घोड़े शामिल हैं, जिन्हें देखभाल के लिए पुलिस लाइन में रखा गया है। दंगा नियंत्रण के साथ ही बलवा आदि के दौरान जमा होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घुड़सवार दस्ते का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही 26 जनवरी को पुलिस लाइन में होने वाली परेड में भी घोड़े प्रदर्शन करते हैं।
दस्ते में शामिल सात वर्षीय तेजस को बृहस्पतिवार सुबह गदरपुर में सिटी सर्विलांस सिस्टम के लोकार्पण कार्यक्रम में ले जाया गया था। दोपहर में कार्यक्रम से वापसी के दौरान सामिया लेक सिटी के सामने अचानक तेजस को पसीना आने लगा और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस विभाग के अनुसार 19 नवंबर 2015 को पुलिस मुख्यालय देहरादून के आदेश पर तेजस को अमृतसर के अश्व व्यवसायी सुखपाल सिंह गिल से खरीदा गया था।
बता दें कि चार माह पूर्व भी घुड़सवार दस्ते के एक अश्व की रहस्मय परिस्थिति में मौत हो गई थी। पुलिस लाइन के घुड़साल में रखे गए सभी अश्वों का लेखा जोखा नैनीताल जिले में रखा जाता है।
वर्ष 2015 में घोड़ों को देखरेख के लिए पुलिस लाइन रुद्रपुर के सुपुर्द किया गया था। फिलहाल पुलिस विभाग तेजस की पोस्टमार्टम की तैयारी में जुटा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घोड़े की मौत का असली कारण पता चलेगा।