टैक्सटाइल पार्क के लिए राज्य सरकार की मेगा पॉलिसी बाहरी उद्यमियों को भाने लगी है। यही कारण है कि अब सिडकुल की ओर उद्यमियों के कदम बढ़ने लगे हैं। सितारगंज सिडकुल में टैक्सटाइल के लिए चाइना की एक बड़ी कंपनी समेत पांच कंपनियों ने निवेश के लिए आवेदन किया है। वहीं जसपुर में भी टैक्सटाइल उद्योग के लिए एक कंपनी का भी करार हो गया है।
यह कंपनी करीब 75 करोड़ का निवेश करेगी। इसके अलावा सितारगंज में जो चार कंपनियां हैं उनका भी प्रति कंपनी 75 से 100 करोड़ का निवेश का लक्ष्य है जबकि चाइना की कंपनी जो कि कंबल का उत्पादन करेगी उनका निवेश लक्ष्य 600 करोड़ रुपये है। बता दें कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मेगा पॉलिसी को क्लीन चिट दी थी। सिडकुल प्रबंधन के मुताबिक इन कंपनियों के आने से स्थानीय स्तर पर करीब दस हजार से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया होगा।
यह सभी कंपनियां करीब डेढ़ साल में अपना ढांचा तैयार कर उत्पादन शुरू करने की स्थिति में आ जाएंगी। सितारगंज सिडकुल में जो चार टैक्सटाइल कंपनियां आ रही हैं उनमें कलकत्ता की एसडी पॉलीटेक, इनोवेटिव टैक्सटाइल प्रालि, पंजाब की टीसी यान प्रालि और पंजाब की सेतिया टैक्सटाइल शामिल हैं। जबकि चाइना की कंपनी की अभी कुछ नीतियों पर कागजी कार्रवाई बाकी है। जसपुर की सिवंता स्पूनटैक्स काशीपुर की ही कंपनी है। सिडकुल के डीजीएम कॉमर्शियल नरेश कुमार कोरंगा ने बताया कि सितारगंज सिडकुल और जसपुर सिडकुल में आने वाली टैक्सटाइल कंपनियां यहां पर व्यापक स्तर से अपना उत्पादन शुरू करना चाहती हैं।
राज्य सरकार की टैक्सटाइल पॉलिसी के तहत सिडकुल में उद्यमियों का आना जारी है। बाहरी कंपनियां यहां इसलिए भी आना चाहती हैं क्योंकि पूरे देश में एक मात्र उत्तराखंड सरकार ही ऐसी है जो मेगा पॉलिसी में उद्यमियों को भारी छूट के साथ यहां आमंत्रित कर रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को भारी मात्रा में रोजगार के साधन उपलब्ध हैं और सरकार की पलायन रोकने की मंशा भी पूरी होगी। जो पांच कंपनियां टैक्सटाइल के क्षेत्र में आ रही हैं, इससे सीधे तौर पर दस हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
- गौरव चटवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक, सिडकुल
सिडकुल और राज्य सरकार की ओर से मेगा पॉलिसी वर्ष 2014 में बनाई गई थी, इसे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया था। इसमें 75 करोड़ से अधिक की पूंजी निवेश की नई परियोजनाएं मेगा टैक्सटाइल पार्क के तहत कहलाएंगी। इसमें भूमि आवंटन में सिडकुल की वर्तमान दरों में 50 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। इस नीति के अंतर्गत सिडकुल द्वारा आवंटित भूमि के मूल्य का 20 प्रतिशत आवंटन पर और शेष सात वर्ष की समान किस्तों पर निर्धारित ब्याज सहित देय होगा। इसमें उद्यमियों को 30 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक की छूट का भी प्रावधान है साथ ही उत्पादन के सात वर्ष तक कच्चे माल और तैयार माल विक्रय पर 100 प्रतिशत वैट की भी छूट दी जाएगी। उद्यमियों यह छूट देने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है।
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