सड़क दुर्घटना में मृतक का शव छिपाने के मामले में अदालत ने टेंपो चालक को दो वर्ष और टेंपो स्वामी को छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अन्य धाराओं में भी अभियुक्तों को कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। जनपद रामपुर थाना मिलक खानम के ग्राम हाशमीनगर निवासी महेंद्र सिंह पुत्र खुशीराम ने 22 जुलाई 2011 को आईटीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 जुलाई 2011 को उसका भाई ओमप्रकाश किसी काम से सुल्तानपुर पट्टी गया था।
दोपहर तीन बजे वह टेंपो से परमानंदपुर लौट रहा था। टेंपो में सवारियां अधिक होने के कारण चालक ग्राम परमानंदपुर निवासी ब्रजेश ने उसे पीछे डाले पर बैठा दिया। तेज गति और लापरवाही से टेंपो चलाने के कारण ओमप्रकाश की सड़क पर गिरकर मौत हो गई। इस पर चालक ने टेंपो स्वामी परमानंदपुर निवासी दीपक को मामले की सूचना दी। इस पर दोनों ने पुलिस और मृतक के परिजनों को सूचना नहीं दी।
आरोप है कि दोनों ने ओमप्रकाश का शव आईजीएल के सामने खेत में फेंक दिया था, जिसे पुलिस ने शव बरामद कर टेंपो चालक ब्रजेश और टेंपो मालिक दीपक के खिलाफ धारा 279, 304, 201 व 212 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई सिविल जज (सि.डि)/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी अनुज कुमार साहनी ने की। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन कर न्यायाधीश वीके वर्मन ने दोनों को दोषी करार दिया। अदालत ने टेंपो चालक ब्रजेश को दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये का जुर्माना और दीपक को छह माह के कारावास और पांच सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी उन पर सजा व जुर्माना आरोपित किया गया है।