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गुरु की शरण के लिए देशभर के गुरुद्वारे घूम रहे तेजा सिंह

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सितारगंज बघौरा गुरुद्वारा साहिब में तीर्थ यात्री तेजा सिंह का स्वागत करते सिख समाज के लोग। - फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। आयु 69 साल और जज्बा आज भी युवाओं सा। जी हां, हम बात कर रहे हैं तेजा सिंह की। गुरु का सिमरन करते-करते उन्होंने 40 दिन में 1835 किमी का धार्मिक सफर साइकिल से तय कर दिया। पंजाब के तेजा सिंह छह राज्यों में स्थापित एतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने साइकिल से निकले हैं। क्षेत्र के बघौरा गांव स्थित गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने पहुंचने पर सिख समाज ने उनका स्वागत किया।
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ग्राम छतयाना मुक्तसर साहिब पंजाब निवासी तेजा सिंह (69) पुत्र संदूरा सिंह ने दो जुलाई को गुरुद्वारा गुप्तसर से तीर्थ यात्रा की शुरुआत की। तेजा अब तक सराय नांगा से चलते हुए जांड साहिब, फरीदकोट, अमृतसर, हरगोविंदपुर, करतारपुर, रायपुर बल्ला, होशियारपुर, हिमाचल के मनिकरण साहिब, आनंदपुर साहिब, चंडीगढ़, पौंटा साहिब, ऋषिकेश, हरिद्वार, नगीना, काशीपुर, उत्तमनगर से सितारगंज बघोरा गुरुद्वारा, एतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब तक की करीब 1835 किमी यात्रा पूरी कर चुके हैं। मंगलवार को तेजा पटना साहिब के लिए रवाना हुए। वहां से कर्नाटक के नानकझुरा गुरुद्वारा होते हुए दमदमा साहिब पंजाब का सफर तय करेंगे। उन्होंने बताया कि लगभग 4860 किमी का सफर और तय करना है। यह यात्रा तीन महीने में पूरी होगी। अब तक सिर्फ एक बार ही साइकिल में पंक्चर हुआ है। तेजा कहते हैं कि नौ साल पहले पत्नी की मौत हो गई। एक बेटी और तीन बेटे हैं। कहा कि 20 साल की उम्र में शराब की आदत छुड़ाने के लिए पत्नी ने शराब खुद पीने की कोशिश की। तभी संकल्प लिया कि देश का हर गुरुद्वारा देखूंगा और शराब छोड़ दी।
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