फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UK News: ऊधमसिंह नगर में सरकारी जमीन से बेदखल होंगे लोग, सीलिंग की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए सर्वे शुरू

Wed, 08 Oct 2025 05:18 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

ऊधमसिंह नगर जिले में सीलिंग की जमीन का तहसीलवार सर्वे शुरू हो गया है। इसके बाद सीलिंग की जमीन से अतिक्रमण हटाकर प्रशासन कब्जा लेगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकारी जमीन पर वर्षों से डेरा जमाए लोगों को अब बेदखल किया जाएगा। ऊधमसिंह नगर जिले में सीलिंग की जमीन का तहसीलवार सर्वे शुरू हो गया है। इसके बाद सीलिंग की जमीन से अतिक्रमण हटाकर प्रशासन कब्जा लेगा। जिले में सीलिंग की जमीन पर वर्षों से हजारों लोग काबिज हैं। कच्चे घरों के साथ पक्के भवनों का निर्माण हो गया है। सरकार ने सीलिंग की जमीन से अतिक्रमण को हटाने का निर्णय लिया है। इसके क्रम में डीएम नितिन सिंह भदौरिया को निर्देश दिए गए।

डीएम ने बैठक के बाद सर्वे का काम एडीएम कौस्तुभ मिश्रा को सौंप दिया है। एडीएम की ओर से तहसीलवार सर्वे किया जा रहा है। सितारंगज का सर्वे करने के बाद बुधवार को कलेक्ट्रेट में बाजपुर में सीलिंग की जमीन का सर्वे किया गया। तहसीलदार के साथ पूरी प्रशासनिक टीम कलेक्ट्रेट में नक्शे के साथ पहुंची। इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर तैयार कर ली है।

कोर्ट में चल रहे मामलों की होगी मजबूत पैरवी

विज्ञापन

एडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने बताया कि सीलिंग की जमीन के जो मामले कोर्ट में चल रहे हैं। उन मामलों में विधिक राय लेकर मजबूत पैरवी की जाएगी। सीलिंग की जमीन को खाली कराने से पहले सर्वे का काम किया जा रहा है।

क्या होती है सीलिंग की जमीन
सीलिंग विशेष भूमि होती है। जो किसी व्यक्ति या परिवार के पास कानूनी रूप से निर्धारित अधिकतम जमीन सीमा तक होती है। इसके तहत सरकार अतिरिक्त भूमि पर कभी भी अपना कब्जा ले सकती है। इसमें एक प्रावधान ये भी है कि यदि सरकार चाहे तो भूमिहीन परिवारों को खेती के लिए पट्टे भी दे सकती है।

अब तक खाली कराई गई सीलिंग की जमीन

ढाढ़ा में- 70 एकड़

प्रयागफार्म में-1900 एकड़

किच्छा के बखपुर में-100 एकड़

जिले में सीलिंग की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए सर्वे शुरू हो गया है। सितारगंज व किच्छा से सैकड़ों एकड़ जमीन मुक्त करा दी है। कलेक्ट्रेट में नक्शे के साथ तहसीलदारों को बुलाकर सर्वे किया जा रहा है। - कौस्तुभ मिश्रा, एडीएम

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें