सितारगंज तहसील में आक्रोशित कर्मचारियों ने शटर पर लगाया ताला।
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सितारगंज तहसील में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के बाद बुधवार देर शाम हंगामा हो गया। संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा की गिरफ्तारी के विरोध में तहसील कर्मचारियों ने तहसील के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। हालांकि, विजिलेंस टीम दूसरे रास्ते से देर रात तक अपनी कार्रवाई में जुटी रही और आना-जाना करती रही।
तहसील कर्मचारियों ने विजिलेंस की कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि जिन रुपये को रिश्वत बताया जा रहा है वह सरकारी राजस्व और ऋण वसूली की धनराशि थी। उनका कहना है कि विभागीय प्रक्रिया के तहत राजस्व वसूली की जा रही थी लेकिन इसे रिश्वत का मामला बनाकर कार्रवाई कर दी गई। कर्मचारियों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। इधर, तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि जिन दो कर्मचारियों के खिलाफ विजिलेंस ने कार्रवाई की है वह विभागीय कार्य कर रहे थे। संबंधित धनराशि राजस्व व केसीसी ऋण की वसूली प्रक्रिया के तहत जमा की जानी थी।
उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जानकारी डीएम को भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई उनके निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। विरोध कर रहे कर्मचारियों ने भी चेतावनी दी कि जब तक डीएम स्तर से कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इधर, विजिलेंस के प्रभारी निरीक्षक प्रभात कुमार का दावा है कि पीड़ित से बंधनमुक्ति और आरसी खत्म कराने के घूस मांगी गई थी।