जसपुर। राजकीय जूनियर हाईस्कूलों में तैनात शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की अनिवार्यता लागू किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने इसके विरोध में बीईओ के माध्यम से पीएम को पत्र भेजकर आदेश वापस लेने की मांग की।
राजकीय जूनियर हाईस्कूल (पूमा) शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष कुंवर सिंह व ब्लॉक अध्यक्ष संदीप कुमार के नेतृत्व में शिक्षक-शिक्षिकाएं बीआरसी कार्यालय में एकत्र हुए हैं। उन्होंने यहां बीईओ के प्रतिनिधि को दिए ज्ञापन में कहा कि शिक्षक लंबे समय से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता से मुक्त रखने समेत 13 सूत्री मांगों के समाधान की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत प्रारंभिक शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों के लिए सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है।
इस आदेश के अनुपालन के लिए दो वर्ष की समय सीमा निर्धारित है जिससे प्रदेश के लगभग 15 हजार शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए विभागीय परीक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। अध्यक्ष ने बताया कि आंदोलन के अगले चरणों में 18 मई को जिला मुख्यालयों पर हुंकार रैली, 29 मई को निदेशालय में एक दिवसीय धरना और आठ जून को देहरादून में गर्जना रैली आयोजित की जाएगी। वहां अर्चना अरोरा, विजेंद्र सिंह, रवि चौहान, विजयपाल सिंह, मानसिंह, पूनम, हेमलता, निरुपमा, मो. अकरम, नरेश आदि थे।