विवि में कार्यक्रम में संबोधित करते कुलपति डॉ. शिवेंद्र कश्य
पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के संकाय विकास केंद्र की ओर से शिक्षकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता: मूलभूत अवधारणाओं से व्यावहारिक उपयोग तक विषय पर आयोजित पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम के दूसरे सत्र का शुभारंभ कुलपति डॉ. शिवेंद्र कश्यप ने किया।
कुलपति डॉ. कश्यप ने कहा कि एआई शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे एआई आधारित तकनीकों और उपकरणों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग कर शिक्षण की गुणवत्ता, शोध की उत्पादकता एवं शैक्षणिक नवाचार को नई दिशा प्रदान करें। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को एआई आधारित उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रशिक्षण प्रदान करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान, प्रदर्शन व व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि वे उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी एकीकरण की दिशा में आवश्यक दक्षता प्राप्त कर सकें। यहां विवि के विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन केंद्र के समन्वयक डॉ. जेपी पुरवार ने किया। संवाद