एसएसपी कार्यालय में रविवार को नजारा बदला सा था। भीड़ तो थी, लेकिन उसमें फरियादी नहीं बल्कि जोश से लबरेज नौजवान शामिल थे। मौका था एसएसपी केवल खुराना की कोशिश से शुरू हुई आईएस और आईपीएस की कोचिंग की शुरुआत का। हाथों में मार्कर और डस्टर लेकर ब्लैकबोर्ड में लिखते एसएसपी जहां शिक्षक की भूमिका में थे, वहीं नौजवान गंभीरता से उनकी कही बातों पर मनन कर रहे थे। करीब डेढ़ घंटे की पाठशाला में एसएसपी ने नौजवानों को सिविल सर्विसेज की तैयारी करने के तरीके समझाए।
रविवार सुबह 11:30 बजे पुलिस लाइन में युवाओं से खचाखच भरे हॉल में एसएसपी केवल खुराना पहुंचे और खुद के सिविल सर्विसेज की तैयारियों के अनुभव साझा किए। करीब 300 लोगों से भरे सभागार में विद्यार्थी, नौकरीपेशा, कोचिंग की तैयारी कर रहे नौजवानों के साथ ही काफी संख्या में शादीशुदा महिलाएं भी पहुंची थी। एसएसपी ने कहा कि मेहनत से ही सफलता हासिल होती है। सिविल सर्विसेज की तैयारी करते समय लिखने की स्पीड बढ़ाएं। परीक्षा की तैयारियों में कोई गैप न करें। सैलेबस और दस सालों के प्रश्नों की बढ़िया तैयारी करें।
परीक्षा में सवालों का जवाब देते हुए नकारात्मक भाषा के इस्तेमाल से बचें। प्रीलिक्स के बजाए मुख्य परीक्षा को लक्ष्य बनाएं। कम इनपुट में ज्यादा आउटपुट लाने की कोशिश करें। राष्ट्रीय स्तर पर निकलने वाली पॉलिसियों पर ध्यान दें। प्रतियोगी के अलावा एनसीआरटी की किताबें पढ़ें। यह ख्याल रखें कि बिना रिस्क लिए जिंदगी में कुछ हासिल नहीं होता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबों की लाइब्रेरी भी तैयार की जा रही है।