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टीडीसी के 71 ठेकाकर्मी हटाए

Sun, 30 Apr 2017 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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हल्दी स्थित उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीडीसी) में ठेके के आधार पर कार्यरत 71 कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। नौकरी से हटाए गए सभी कर्मचारी उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) के माध्यम से टीडीसी के विभिन्न विभागों में कार्यरत थे। प्रबंध निदेशक ज्योति नीरज खैरवाल ने उपनल के प्रबंध निदेशक को शनिवार को पत्र लिखकर 30 अप्रैल से उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने की सूचना दे दी है।
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घाटे की स्थिति में चल रहा टीडीसी नियमित एवं ठेका कर्मचारियों को पिछले पांच महीने से वेतन का भुगतान नहीं कर सका है। टीडीसी में नियमित कर्मचारियों के वेतन पर करीब डेढ़ करोड़ और उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मियों पर नौ लाख 85 हजार रुपये प्रति माह वेतन के रूप में खर्च हो रहा है। टीडीसी का अधिकांश कार्य उपनल कर्मचारी ही पूरा करते हैं। यह कर्मचारी प्रशासनिक, लेखा, बीज उत्पादन विपणन, भंडारण आदि कार्य करते हैं। 

एक साथ 71 कर्मचारियों के हटाने से घाटे में चल रहे टीडीसी के कार्यकलाप प्रभावित होंगे। साथ ही हटाए गए कर्मियों के सामने आजीविका की समस्या भी पैदा हो जाएगी। एमडी खैरवाल के इस निर्णय से उपनल कर्मचारी सन्न रह गए हैं। कर्मचारियों ने बताया कि वे 28 मार्च को देहरादून में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कृषि मंत्री सुबोध उनियाल से मिले थे। दोनों मंत्रियों ने उपनल कर्मियों को टीडीसी से न हटाने का आश्वासन दिया था। क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से वार्ता की थी। उन्हें भी उपनल कर्मियों को न हटाए जाने का आश्वासन मिला था। 
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इसके बावजूद प्रबंध निदेशक ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। इस बीच एमडी खैरवाल ने बताया कि टीडीसी नियमित एवं उपनल कर्मियों का वेतन देने की स्थिति में नहीं है। वेतन मद में राशि नहीं है। शासन के निर्देश पर ही उपनल कर्मियों को हटाया गया है। उधर उपनल कर्मियों ने बताया कि वे देहरादून जाकर मुख्यमंत्री और कृषिमंत्री से मिलकर उन्हें नौकरी से न निकालने का अनुरोध करेंगे। यदि उन्हें नौकरी में बहाल नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे।
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