रुद्रपुर। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में क्षय रोगियों को बेहतर इलाज और देखभाल उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर जिले के उन सभी सरकारी अस्पतालों में, जहां भर्ती की सुविधा उपलब्ध है, टीबी रोगियों के लिए दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं ताकि मरीजों को जांच और उपचार में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिले में वर्तमान में करीब पांच हजार से अधिक टीबी रोगी उपचार ले रहे हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत केवल दवा देना ही इलाज नहीं माना जाता बल्कि मरीज की जीवनशैली, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में चल रही डिफरेंशियल टीबी केयर प्रणाली के तहत मरीजों की नियमित निगरानी, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और उपचार के दौरान पूरी देखभाल सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में रुद्रपुर के 1813 और काशीपुर के 1405 सहित कुल 6321 टीबी रोगियों को डिफरेंशियल टीबी केयर के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक 2520 मरीजों की बेसलाइन स्क्रीनिंग की जा चुकी है। राज्य स्तर पर इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिले के सातों स्वास्थ्य खंडों से सात चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। डिफरेंशियल टीबी केयर के तहत टीबी मरीजों की सभी आवश्यक जांचें निशुल्क की जा रही हैं और मरीजों का पूरा डाटा निक्षय पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस पहल से टीबी मरीजों के उपचार और देखभाल में और अधिक सुधार आएगा।