सितारगंज में ताजियों के साथ जुलूस निकालते मुस्लिम समुदाय के लोग। संवाद
सितारगंज। चेहल्लुम पर मुस्लिम समुदाय ने नगर में गमगीन माहौल में ताजिये निकाले और हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया। देर शाम ताजिये नगर से भिटौरा गांव स्थित करबला के लिए निकले। इधर, बघौरी गांव के लोगों ने भी बिज्टी चौराहे से मुख्य चौराहा, अमरिया चौराहा और भिटौरा गांव तक ताजिये निकाले।
चेहल्लुम के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों को याद किया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर मीठे पानी की सबील का आयोजन किया गया। उलेमा ने लोगों को इमाम हुसैन की कुर्बानी और उनके बताए हुए सत्य, न्याय तथा मानवता के संदेश पर प्रकाश डाला गया। कई स्थानों से मातमी जुलूस भी निकाले गए, जिनमें अकीदतमंदों ने शांतिपूर्ण ढंग से हिस्सा लिया। जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा और सुरक्षा की दृष्टि से कई जगह पुलिस बल भी तैनात रहा।
मौलाना ने कहा कि कर्बला की घटना इंसानियत, सब्र और अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने का संदेश देती है। चेहल्लुम के अवसर पर लोगों ने देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ की। इस मौके पर एसडीएम तुषार सैनी, कोतवाल सुंदरम शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।