नैनीताल जिले के बरहैनी के वन क्षेत्र में एयरपोर्ट बनाने की कवायद शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को प्रारंभिक सर्वे के लिए नई दिल्ली से पहुंची छह सदस्यीय टीम ने बरहैनी के उत्तरी बीट का निरीक्षण किया। टीम ने राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों से साथ बरहैनी नर्सरी में बैठक कर मंथन भी किया। टीम शुक्रवार को एयरपोर्ट मामले पर अध्ययन करेगी।
बृहस्पतिवार को नई दिल्ली से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नियोजन विभाग के संयुक्त प्रबंधक देबोतोष मोइत्रा ने टीम के साथ बरहैनी जंगलात क्षेत्र के उत्तरी बीट, बरहैनी से धूरिया एवं राय खत्ता सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम ने बरहैनी उत्तरी बीट में भूमि की समतलता का अवलोकन, समुद्र तल से प्रस्तावित स्थल की ऊंचाई का अध्ययन, प्रस्तावित स्थल की लोंगिट्यूड एवं लेटिट्यूड (जीपीएस) पोजीशन, बौर नदी से नैनीताल हाईवे की दूरी, नैनीताल जिले की सीमा क्षेत्र का अवलोकन, प्रस्तावित स्थल के नीचे वाटर लेवल की जानकारी, प्रस्तावित स्थल से हरिपुरा बिजलीघर की दूरी सहित कई बिंदुओं का अध्ययन किया।
टीम में आर्केट प्रबंधक एके लाकरा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के इंजीनियरिंग विभाग के जेई अभ्यम शुक्ला, एजीएम (सीएनएस) संजय अग्रवाल, श्याम शर्मा, रुद्र कुमार, बाजपुर एसडीएम एपी बाजपेयी, तराई केंद्रीय वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चंद तिवारी, आंदोलन के अगुवा केशव कुमार पासी आदि थे।
बता दें कि एयरपोर्ट का सर्वे कराने के लिए 12 अप्रैल को प्रदेश के मुख्य सचिव और एयरपोर्ट अधिकारियों के बीच देहरादून में बैठक कर निर्णय लिया गया था। इसी फैसले के अनुसार, प्रारंभिक सर्वे करने के लिए बृहस्पतिवार को टीम पहुंची। इधर, सर्वे टीम पहुंचने पर बरहैनी क्षेत्र के ग्रामीण भी एकत्र हो गए। इनमें मुख्य रुप से वीरेंद्र बिष्ट, कमल भट्ट, योगेश मुनगली, खीम दानू आदि थे।