काशीपुर। 15 अप्रैल तक गन्ना बुवाई सत्र चलेगा, ऐसे में प्रदेश में गन्ना के क्षेत्रफल को बढ़ाया जाए, ताकि पेराई सत्र में चीनी मिलों के सामने गन्ना कमी की समस्या ना आये। गन्ना आयुक्त ने मंगलवार को कार्यालय सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
पेराई सत्र के दृष्टिगत गन्ना सर्वेक्षण, योजनाओं और विकास कार्याें की समीक्षा के उद्देश्य से गन्ना एवं चीनी आयुक्त कार्यालय में बैठक हुई। इसमें गन्ना एवं चीनी आयुक्त त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने कार्य योजना बनाने और मूल्य एवं गन्ना विकास अंशदान का भुगतान समितियों को करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने गन्ना क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए सभी फील्ड स्तरीय कार्मिकों, अधिकारियों और मिलों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए है। इससे पेराई सत्र 2026-27 में मिलों को क्षमता के अनुरूप गन्ने मिल सके। मिलों को दी गई मांग के सापेक्ष आपूर्ति की समीक्षा की और कम आपूर्ति पर रोष व्यक्त किया।
बैठक में 2025-26 के अंतर्गत क्रय केंद्रों के निरीक्षण और बुवाई के तय लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति और गन्ना बीज वितरण की स्थिति की समीक्षा की। समस्त सहायक गन्ना आयुक्तों एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए।
बैठक में प्रचार एवं जनसंपर्क अधिकारी नीलेश कुमार, सहायक गन्ना आयुक्त मुख्यालय आशीष नेगी, सहायक आयुक्त हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर, समस्त ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, सहकारी गन्ना विकास समितियों के सचिव, चीनी मिलों के प्रतिनिधि थे।