आईआईएम में लीडरशिप कॉनक्लेव में छात्रों को रिस्क लेने की क्षमता के बारे में जानकारी दी गई। बताया कि बिना रिस्क लिए सफलता नहीं मिल सकती।
शनिवार को आईआईएम में लीडरशिप कॉनक्लेव का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ आईआईएम के निदेशक गौतम सिन्हा ने किया। इस दौरान उन्होंने उद्योगों और शैक्षिक समुदाय में परस्पर ज्ञान के आदान प्रदान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आईआईएम ने अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए विद्यार्थियों को सहयोग दिया जा रहा है। प्रथम चरण में नई उम्मीदों के विषय पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता एबीपी न्यूज नेटवर्क के चीफ पीपल ऑफिसर सत्याक्की ने कहा कि एक्शन सिर्फ प्रबंधक तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे हर व्यक्ति को अपने जीवन के हर पहलू में लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को रिस्क लेने की क्षमता बनानी चाहिए। नौकरी की तलाश करने की जगह अपना कैरियर स्वयं बनाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान आईसीआईसीआई के एचआर हेड पीके श्रीगण ने विद्यार्थियों को विडियो मैसेज भेजा। जिसमें उनके बैंक में कार्य कर रहे आईआईएम काशीपुर के भूतपूर्व कार्यों की सराहना की गई। पूर्व आईएस आफिसर अनुराग गोयल ने कहा कि कॉनक्लेव उद्योग व शैक्षिक समुदाय में परस्पर वैचारिक एवं ज्ञान का अदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। वहां पर राजीव पाल, जेके टायर वीपी विजय देशपांडे, आईवीएम के श्रीजन सयाल, मनोज गुप्ता, संजय दवे, दीप्ति दास, कंपन मुखर्जी, गीतन शाह, शांतानु घोसाल, विशाल देवान आदि थे।