भारतीय प्रबंध संस्थान में दो दिनी कोअलेसेंस 2018 के मानव संसाधन (ह्यूमन रिसोर्स) के कार्यक्रम समन्वय का समापन हो गया है, जिसमें छात्र-छात्राओं को बदलाव के साथ आगे बढ़ने और नियंत्रण रखने की जानकारी दी गई।
रविवार को समापन सत्र का शुभारंभ जेएसपीएल के एचआर डायरेक्टर राजीव भदौरिया, सीमेंस के रमेश शंकर, केडिला हेल्थकेयर के गार्गी बसु व संस्थान के डायरेक्टर डॉ. केएन बधानी ने किया। राजीव भदौरिया ने कहा छात्रों को बदलाव के साथ-साथ आगे बढ़ने, तकनीक पर तेज पकड़ और नियंत्रण रखना चाहिए। सीमेंस कंपनी के डॉ. रमेश शंकर ने भावनाओं को इंसान का सबसे मजबूत हथियार बताया।
उनके अनुसार जब तक इंसान में भावनाएं है, वह मशीनों से हमेशा ऊपर रहेगा। गार्गी बसु ने छात्रों से अपने अनुभव को साझा किया। इसके बाद डिजिटल दौर में बिजनेस कैसे बदल रहा है विषय पर पैनल चर्चा की गई। दोपहर बाद ई-कॉम एक्सप्रेस के श्री सौर सिंगला ने छात्रों का उत्साह बढ़ाया।
सुजीत कुमार, एएचआर जेएसएल ने अपने भाषण में तकनीक के बदलाव के बारे में छात्रों को तरक्की के गुर बताए। प्रशिक्षण, संतुलन और सही दिशा में काम करना विषय पर भी चर्चा की गई।
वहां पर केपीएमजी के एचआर, प्रवीण चौहान, दयानंद त्रिपाठी, पुनीत नागपाल, स्टेफिनी एंटरटेनमेंट के संस्थापक स्टीफन हेव्स, जियोनी के मार्केटिंग हेड नोमित जोशी, आईडिया सेल्यूलर के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट हितेश सूद, डॉ. रेड्डी लेब्रोट्रीज के डायरेक्टर अशोक वीके, डॉ. देवजानी चटर्जी, शिव कुमार, गेल कंपनी के एचआर आयुष गुप्ता, एपीजे के जनरल मैनेजर एचआर रामकृष्ण घोष आदि थे।