खाना खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए लगभग 150 छात्रों को तीन एंबुलेंस और सुरक्षा विभाग के वाहनों से विवि चिकित्सालय पहुंचाया गया। इतनी बड़ी संख्या में बीमार विद्यार्थियों के अस्पताल पहुंचने से वहां अफरातफरी का माहौल रहा।
अस्पताल प्रबंधन और विवि के अधिकारियों के आपसी तालमेल से स्थिति पर नियंत्रण किया और जमीन पर गद्दे आदि बिछाकर छात्रों का इलाज शुरू कराया। विवि के चिकित्सालय में मात्र 16 बिस्तर ही उपलब्ध हैं। अस्पताल प्रबंधन ने सभी कमरे खोल दिए और बेंच, कुर्सी आदि पर बैठाकर छात्रों का इलाज शुरू कर दिया।
विवि के अधिकारियों ने आननफानन गेस्ट हाउसों और छात्रावासों से गद्दों की व्यवस्था की और कमरों और बरामदे में गद्दे बिछाकर छात्रों का इलाज कराया। डाॅ. दीपक त्रिपाठी ने बताया कि बीमार छात्रों के अस्पताल आने और ठीक होकर वापस छात्रावास जाने का सिलसिला पूरी रात चलता रहा। उन्होंने बताया कि इसी दौरान रामनगर निवासी एक छात्र शौचालय में गिर गया। उसके सिर पर पांच टांके आए हैं। उसे सीटी स्कैन कराने के लिए एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया है।
राज्यपाल, सीएम और मंत्री से की शिकायत
कुलपति बोले... स्वीट डिश हो सकती है जिम्मेदार
कुलपति प्रो. एसके कश्यप ने कहा है कि मेस संचालक ने डिनर के बाद स्वीट डिश में बाहर से मंगवाकर रसमलाई परोसी थी। आशंका है कि रसमलाई खराब रही हो। उन्होंने बताया कि कुछ छात्रों ने डिनर नहीं किया था और सिर्फ रसमलाई खाई थी, वह भी बीमार पड़ गए। कुलपति ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पटेल भवन की मेस को निलंबित कर शिवालिक भवन की मेस से खाने की आपूर्ति शुरू करवा दी गई है।
मैगी, मोमोज खाते हो और दारू पीते हो... उससे कुछ नहीं होता
खाने में कीड़े निकलने की शिकायत पर सरोजिनी भवन की असिस्टेंट वार्डन का व्हाट्सएप पर वायरल कथित मैसेज खूब चर्चाओं में है। वायरल व्हाट्सएप मैसेज में अस्सिटेंट वार्डन की ओर से कथित रूप से लिखा गया है कि आप लोग (विद्यार्थी) मैगी, मोमोज खाते हो और दारू पीते हो... उससे कुछ नहीं होता। बताया जा रहा है कि यह मैसेज सरोजिनी भवन की असिस्टेंट वार्डन ने व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर किया है। दरअसल छात्राएं आए दिन भोजन में कीड़े निकलने की शिकायत उनसे कर रही थीं।
सरोजिनी भवन का कोई भी मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। खाने की गुणवत्ता और असिस्टेंट वार्डन के कथित वक्तव्य की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। - डाॅ. वीसी ध्यानी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण पंतनगर विवि