राजकीय महाविद्यालय में सभी छात्र-छात्राओं को प्रवेश देने और बीएससी व बीकॉम की कक्षाएं संचालित कराने की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का आमरण अनशन विधायक के आश्वासन पर समाप्त हो गया। विधायक सौरभ बहुगुणा ने कहा कॉलेज में पिछले साल की तर्ज पर इस बार भी अधिक से अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। ऐसा नहीं हुआ तो मैं खुद धरने पर बैठूंगा।
शनिवार की सुबह 10 बजे से राजकीय महाविद्यालय सिसौना में छात्र महासंघ के सचिव दीपांशु रावत के नेतृत्व में शुरू हुआ आमरण अनशन रविवार को शाम करीब चार बजे खत्म हो गया। विधायक सौरभ बहुगुणा ने अनशनकारी छात्रों का हाल जाना और उनकी मांगें सुनीं। इसके बाद सौरभ ने उच्च शिक्षा निदेशक से फोन पर बात कर कालेज में प्रवेश के लिए सीटें बढ़ाने को कहा। विधायक ने कहा हाईकोर्ट के आदेश के तहत कालेज प्रबंधन द्वारा सीमित 120 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा था। अगर, पिछले वर्ष सीमित सीटों से अधिक प्रवेश हुए हैं तो इस बार भी अधिक होंगे।
ऐसा नहीं हुआ तो वह भी धरने पर बैठेंगे। कहा जो छात्र प्रवेश के मानकों से बाहर होंगे, उन्हें उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा। उन्होंने छात्रों की मांगों को शिक्षा सचिव व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष रखने का भी आश्वासन दिया।
इस पर अनशनकारी छात्र महासंघ के सचिव दीपांशु रावत, छात्र संघ अध्यक्ष विश्वजीत विश्वास, उपाध्यक्ष अजय कठायत, छात्र नेता परवेज पटौदी, भाष्कर सिंह राना, अमित विश्वास, जयदेव पाल, राहुल राय, देवाशीष, दीपक कुमार, मिथुन, सरोज मंडल मान गए। विधायक ने सभी छात्रों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। वहां कालेज के प्राचार्य डा. सुभाष चंद्र वर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता कमल जिंदल, पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन अजय जायसवाल, राकेश त्यागी, डालचंद राजपूत, उदय सिंह राणा, ज्योति दास, सुनम आदि थे।