नगर निगम की बोर्ड बैठक में तीन महीने पहले 40 फीसदी ब्लो में खुल चुके सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों के टेंडर दोबारा करने के प्रस्ताव पर खूब शोरशराबा हुआ। पार्षदों के कड़ा ऐतराज जताने पर प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। निगम के खराब पड़े वाहनों और मशीनों को ठीक करने का प्रस्ताव पास किया गया।
शनिवार को नगर निगम में मेयर कार्यालय में मेयर उषा चौधरी की अध्यक्षता और मुख्य नगर अधिकारी युक्ता मिश्र के संचालन में बैठक शुरु हुई। इसमें हर घर महापौर शौचालय योजना, पुराना शहर में कूड़ा निस्तारण के ठेके, आवारा पशुओं को पकड़ने के ठेका देने के प्रस्ताव की समीक्षा की गई।
तीन महीने पहले खुल चुके टेंडरों को निरस्त कर दोबारा करने के प्रस्ताव का पार्षदों ने विरोध जताया। पार्षद गुरविंदर सिंह चंडोक ने कहा कि तीन महीने पहले सड़कों के निर्माण के टेंडर 40 फीसदी ब्लो में खुल गए थे। इससे निगम को करीब 60 लाख रुपये की बचत हो रही है।
लेकिन दोबारा टेंडर आमंत्रित करने से ठेकेदारों के पूल बनाने की संभावना रहती है। अमृत योजना के अधिकारी शुभम ने बताया कि वाटर सप्लाई पर जोन एक में 11 करोड़ 22 लाख और जोन पांच में 17 करोड 45 लाख रुपये खर्च होंगे। जल निगम ईई डीके बंसल ने अमृत योजना में पेयजल ट्यूबवेल हाउस के लिए जमीन नहीं मिलने की बात कही।
पार्षद ऋषभ अग्रवाल ने वार्ड में बिजली के खंभे, लाइन बिछाने, अब्दुल कादिर ने मजबूत चादरों की हाथ ठेलियां खरीदने की मांग की। पार्षदों ने निगम के 12 विभागों के लिए 12 कंप्यूटर खरीदने, एमएनए के लिए कार खरादने सहित अन्य कार्यों की मंजूरी दी। बैठक में उपनगर अधिकारी नजर अली, सहायक नगर अधिकारी संजीव मेहरोत्रा, कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा सहित पार्षद मौजूद रहे।
काशीपुर। नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने उनकी समस्याओं पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। पार्षद राधेश्याम प्रजापति ने कहा कि नई सब्जी मंडी में दुकानदार आधी सड़क तक दुकानें लगा रहे हैं। कई बार बोर्ड बैठक में मामला उठाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। निगम पार्क को वाहन स्टैंड बना दिया है। पार्षद गुरविंदर ने कहा कि महेशपुर पुलिया के नीचे बीएसएनएल की केबिल बिछी हैं। जिसमें कूड़ा करकट फंसकर नाली चोक हो जाती है।