रुद्रपुर में नैनीताल हाईवे पर रात को बैठे लावारिस जानवर।
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वाहन संचालन में हर तरह के खतरे तो हैं ही, वाहन संचालन में बेजुबान जानवरों के खतरे भी कम नहीं हैं। नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे के साथ ही आंतरिक सड़कों पर लावारिस जानवरों का जमावड़ा रहता है। जिला मुख्यालय भी लावारिस जानवरों से महफूज नहीं है। लावारिस जानवर दिन तो दिन रात में भी सड़कों पर विचरण करते हैं। रात में सड़कों पर डेरा जमाए बैठे लावारिस जानवरों से दुर्घटना का खतरा रहता है। अंधेरी सड़कों पर जानवरों के न दिखाई देने से वाहनों के टकराने का खतरा रहता है।
ऊधमसिंह नगर जिले में इसी साल लावारिस जानवरों से टकराने से कई बाइक सवारों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके जिम्मेदार तंत्र लावारिस जानवरों से निजात दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है।
केस एक: 20 जनवरी 2025 को जिले के बिगराबाग बाईपास पर लावारिस जानवर से बाइक के टकराने पर नानकमत्ता के पिपिलिया पिस्तौर निवासी युवक की मौत हो गई थी।
केस दो: दो जुलाई को खटीमा के सानिया नाले के पास लावारिस जानवर से बाइक टकरा गई थी। हादसे में बनबसा के पचपखरिया निवासी युवक की मौत हो गई थी।
केस तीन: 29 जून को खटीमा के बानूसा के पास लावारिस जानवर से बाइक टकराने से नानकमत्ता के खमरिया निवासी युवक घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
केस चार: 10 अगस्त को पहेनिया चौराहे पर लावारिस जानवर से बाइक टकराने से सेना के जवान की मौत हो गई थी।
लंबाखेड़ा में पांच एकड़ क्षेत्रफल में 700 जानवरों की क्षमता का गोसदन बनाया जा रहा है। गोसदन का अधिकांश कार्य पूरा हो गया है। तब तक लावारिस जानवरों की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
- नरेश चंद्र दुर्गापाल, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम रुद्रपुर