साहब! छह महीने पहले फैक्ट्री में घुसकर मेरे पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, लेकिन पुलिस अभी तक हत्यारों को नहीं पकड़ सकी है। सीओ बाजपुर ने जांच के नाम पर महज खानापूर्ति की और बार-बार पूछताछ के नाम पर उन्हें बुलाकर परेशान किया गया। काशीपुर से आई महिला की समस्या को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तत्काल मामले की जांच सीओ बाजपुर से हटाकर सीओ खटीमा और एसएसआई रुद्रपुर को करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसएसआई को 15 दिन में केस खोलने पर जिले में मनचाहा थाना देने का ऑफर दिया।
बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में एसएसपी केवल खुराना से मोहल्ला किला काशीपुर निवासी मिनी अग्रवाल अपने बच्चे और परिजनों के साथ मिलीं। उन्होंने कहा 12 जून को सुल्तानपुर पट्टी स्थित उत्तराखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में दिनदहाड़े घुसकर बदमाशों ने उनके पति गिरीश अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
तीन गेट पार कर बदमाशों ने कैशरूम में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था, लेकिन अभी तक हत्यारे नहीं पकड़े जा सके हैं। गिरीश वहां लिपिक के पद पर तैनात थे, लेकिन फैक्ट्री वालों ने उनका बैग और अन्य सामान आज तक नहीं लौटाया है। एसएसपी केवल खुराना ने हैरानी जताते हुए एएसपी काशीपुर से पूछा तो उन्होंने एसओजी द्वारा जांच करने की बात कही। एसएसपी ने कहा कि एसओजी जो कर रही है, उसका सुपरविजन भी जरुरी है।
सीओ बाजपुर से भी जांच के बारे में जानकारी ली जाए। उन्होंने एसएसआई रुद्रपुर धीरेंद्र कुमार को 15 दिनों के भीतर केस खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामले में एसओजी की मदद के साथ ही उनसे भी चीजें डिस्कस की जा सकती हैं, लेकिन संबंधित थाने से कोई मतलब मत रखना।