पंतनगर। बीते बृहस्पतिवार पंतनगर में चार दिवसीय अंतर विश्वविद्यालयी खेल एवं क्रीड़ा महोत्सव का समापन हुआ। जिसमें एसएसजे विवि अल्मोड़ा के कोच और खिलाड़ियों ने चहेती टीम (श्रीदेव सुमन विवि टिहरी गढ़वाल) को चैंपियंस ट्राॅफी देने का आरोप लगा दिया।
टीम कोच लियाकत अली खान ने बताया कि उनकी टीम ने 110 प्वाइंट के साथ 14 स्वर्ण सहित कुल 29 पदक हासिल किए। जबकि जिस टीम को ट्राॅफी प्रदान की गई, उसने मात्र 80 अंक के साथ चार-पांच पदक ही हासिल किए थे। उनके विरोध पर अधिकारी आनन-फानन में समापन समारोह निपटाकर निकल गए। हालांकि बाद में स्टेडियम पहुंचे अधिकारियों ने नाराज खिलाड़ियों से वार्ता कर उन्हें उनके नियम समझाने का प्रयास किया। लेकिन खिलाड़ी टस से मस नहीं हुए। जिसके बाद रात साढ़े नौ बजे खिलाड़ियों को स्टेडियम में छोड़कर अधिकारी निकल गए।
इधर आक्रोशित खिलाड़ियों (लगभग सात महिला व नौ पुरुष) ने भूखे पेट, बिना बिस्तर के ही स्टेडियम में रात गुजारी। सुबह खिलाड़ियों ने बताया कि रात में एक बार पुनः अधिकारी आए थे और देर रात तक उन्हें समझाते रहे। जाते-जाते उन्होंने कर्मचारियों से स्टेडियम की लाइट के साथ ही वाशरूम के पानी की आपूर्ति भी बंद करवा दी थी। कोच खान ने बताया कि सुबह लगभग आठ बजे कुलपति का पीआरओ आया था, जिसने अपने मोबाइल पर कुलपति से उसकी बात कराई। कुलपति ने आश्वासन दिया कि विवि सेे बाहर की कमेटी गठित कर एक माह के अंदर जांच कराई जाएगी। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही टीम को चैंपियंस ट्राॅफी प्रदान की जाएगी। जिसके बाद वह लोग अपना प्रदर्शन समाप्त कर घरों को निकल गए हैं।
राज्यपाल से एसआईटी जांच की मांग
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. गणेश उपाध्याय ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि अंतर विश्वविद्यालयी प्रतियोगिता में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले खिलाड़ियों की हिम्मत और जुनून को सलाम है। जिस तरह चर्चा है कि रात को स्टेडियम में बिजली और पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई, यह बहुत अमानवीय व्यवहार है, जिसे कभी माफ नही किया जा सकता। उन्होंने राज्यपाल से अपील की है कि इस प्रकरण में एसआईटी से जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। ताकि आगे कोई अधिकारी ऐसी हिमाकत न कर सके।