काशीपुर। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में प्रस्तावित 10 बेड के डायलिसिस सेंटर की स्थापना के लिए अस्पताल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, सेंटर शुरू होने से पहले अस्पताल परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चयनित कंपनी की टीम अस्पताल का प्रारंभिक सर्वे कर चुकी है। डायलिसिस यूनिट स्थापित करने के लिए करीब 2620 वर्गफुट स्थान की आवश्यकता है। अस्पताल प्रशासन पूरे परिसर में उपयुक्त भवन और स्थान की तलाश में जुटा है।
कार्यवाहक सीएमएस डॉ. वरुण भारद्वाज ने बताया कि वर्षों से बंद पड़े पुराने टीकाकरण विभाग के भवन को इस कार्य के लिए उपयुक्त माना गया है। भवन जर्जर होने के कारण उसे हटाकर वहां डायलिसिस सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव कंपनी के समक्ष रखा जाएगा। मंगलवार को पहुंचने वाले कंपनी कार्मिकों को यह जगह दिखाकर केंद्र स्थापना कराने का प्रयास किया जाएगा।
डायलिसिस सेंटर शुरू होने से काशीपुर और आसपास के गुर्दा रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है जहां डायलिसिस पर अधिक खर्च आता है।
कोट
डायलिसिस सेंटर के लिए कंपनी का चयन मुख्यालय स्तर पर किया गया है। कंपनी नया भवन निर्माण नहीं करेगी। अस्पताल को उपलब्ध भवन या स्थान उपलब्ध कराना होगा। कंपनी स्टाफ, तकनीशियन और दवाइयों की व्यवस्था करेगी तथा एमबीबीएस चिकित्सक की देखरेख में डायलिसिस सेवाएं संचालित की जाएंगी। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर