गबन के मामले में गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता के पूर्व रिसीवर को हाईकोर्ट से मिले स्टे के बावजूद उन्हें गिरफ्तार करने के मामले में मंगलवार को एसओ दिनेशपुर(ऊधमसिंहनगर) कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में 96 साल के याचिकाकर्ता को भी पेश किया गया। कोर्ट ने मामले में 21 जुलाई की तिथि नियत करते हुए एसओ से कहा कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता के पूर्व रिसीवर रहे स्वर्ण सिंह ने मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
मामले के अनुसार किच्छा निवासी महेंद्र सिंह ने याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आरोप लगाया था कि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी नानकमत्ता की ओर से स्वर्ण सिंह को रिसीवर के पद पर तैनात किया गया था।
इस दौरान उन्होंने 9 मई 1998 से वर्ष 2006 तक दान में आए सोने चांदी के आभूषणों को दिल्ली हरवंश सिंह के यहां पहुंचाकर गबन किया गया। इस एफआईआर के खिलाफ स्वर्ण सिंह ने हाईकोर्ट में उनकी गिरफ्तारी पर रोक और इसे निरस्त करने की प्रार्थना की थी।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। कोर्ट के इस आदेश के बावजूद एसओ दिनेशपुर ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, जिस पर कोर्ट ने एसओ को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट के आदेश के क्रम में वह मंगलवार को कोर्ट में पेश हुए। एसओ ने अपने जवाब में बताया गया कि उन्हें स्टे की प्रति नहीं मिली थी और न ही मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश की गई। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 21 जुलाई की तिथि नियत करते हुए कहा कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए।