आयुर्वेदिक अस्पताल में चल रहा पांच लोगों का इलाज, डेढ़ माह में मिल रही राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में पंचकर्म की कटि बस्ती विधि से स्लिप डिस्क और रीड की हड्डी से जुड़े रोगों का इलाज किया जा रहा है। एलोपैथी में स्लिप डिस्क का कोई स्थायी इलाज ना होने के कारण लोग इस विधि को अपना रहे हैं और करीब डेढ़ महीने में उन्हें स्लिप डिस्क से उठने वाले दर्द से राहत मिल रही है। आयुर्वेदिक अस्पताल के पंचकर्म विभाग में कटि बस्ती विधि से वर्तमान में पांच मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जिनमें ज्यादातर की उम्र 30 से 50 साल की है।
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ऐसे होता है इलाज
इस विधि से इलाज करने वाले आयुर्वेदिक चिकित्सक राजेश चिलाना के अनुसार पंचकर्म विभाग में कटि बस्ती विधि के पहले चरण में 14 दिन स्वेदन और स्नेहन किया जाता है। इसके बाद उड़द की दाल को पीसकर उसे कटोरे जैसा आकार दिया जाता है। आयुर्वेदिक तेल को उबले हुए पानी में गर्म कर इस गेंद में भरकर दर्द वाली जगह पर रखा जाता है। इस विधि से रीड़ की हड्डी में बंद पड़ीं या दबी हुईं नसों में सुधार होता है। एक महीने तक हर सप्ताह यह प्रक्रिया दोहराई जाती है।
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युवाओं में बढ़ रहे मामले
पंचकर्म सहायिका नूतन ने बताया कि वर्तमान में युवाओं में भी स्लिप डिस्क की समस्या आम हो गई है। कई युवा भी स्लिप डिस्क का इलाज कराने अस्पताल आते हैं। जाड़ों के मौसम में स्लिप डिस्क के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। कटि बस्ती विधि से कई मरीजों का सालो का दर्द डेढ़ महीने के इलाज से सही किया जा चुका है। इलाज में खर्च भी कम है। हफ्ते में महज एक बार सात रुपये की पर्ची काटकर छह दिन तक रोजाना आधे घंटे उपचार किया जाता है।
स्लिप डिस्क के कारण
:-ज्यादा वजन उठाना
:-ज्यादा समय तक एक जगह बैठना
:-धूम्रपान, मोटापा अधिक होना
:-ज्यादा समय तक दोपहिया वाहन चलान
:-बढ़ती उम्र में स्लिप डिस्क की समस्या हो सकती है
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लक्षण
:- शरीर में एक तरफ या दोनों तरफ दर्द होना
:- कमजोरी महसूस करना
:- हाथों और पैरों में दर्द होना
:- खड़े होने और बैठने के बाद तेज दर्द
:-चलने-फिरने पर शरीर के निचले हिस्से में दर्द होना
:- प्रभावित हिस्सों में झुनझुनी और जलन महसूस करना
:- मांसपेशियों में कमजोरी
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बचाव के उपाय
:- वजन को नियंत्रण में रखें, मोटापे से बचें
:- व्यायाम करें और सक्रिय रहें।
:- धूम्रपान से बचें
:-भारी वजन वाली वस्तुएं उठाने से बचें
:- झटके के साथ उठने या बैठने से बचें
:- डेस्क जॉब करने वाले लोगों को सहारे के लिए पीठ पर तकिया रखें
:- सोने की मुद्रा का ध्यान दें